Navratri Special 2025: 1000 वर्षों से आस्था का केंद्र मां आनंदी देवी मंदिर, नवरात्री में होता है खास श्रृंगार 

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Edited By Anjali Singh
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चौक, अमृत विचारः चौक स्थित मां आनंदी देवी मंदिर श्रद्धा, आस्था और चमत्कारिक मान्यताओं का जीवंत प्रतीक है। मान्यता है कि यहां मां आनंदी देवी स्वयं प्रकट हुई थीं। इस पवित्र स्थान पर कोई मूर्ति स्थापित नहीं की गई है, बल्कि देवी मां स्वयं इस स्थल पर विराजमान मानी जाती हैं। पुजारी अतुल अवस्थी ने बताया कि मंदिर 1000 वर्ष से भी अधिक पुराना है। मंदिर की प्राचीनता और इसकी मान्यताओं के कारण यहां दूर-दराज से भी श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।

आस-पास के दुकानदारों की मां आनंदी देवी के प्रति विशेष आस्था है। सुबह दुकानदार दुकान की चाबी लेकर मां के चरणों में चढ़ाते हैं। आशीर्वाद लेकर ही दुकान खोलते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। ऐसा माना जाता है कि जो भी भक्त मां के दरबार में सच्चे मन से अपनी मुराद लेकर आता है, माता उसकी इच्छाओं की पूर्ति अवश्य करती हैं। यही कारण है कि न केवल नवरात्र, बल्कि साल भर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है।

नवरात्र में होता है विशेष शृंगार

नवरात्र के पावन अवसर पर मंदिर में मां आनंदी देवी का विशेष शृंगार किया जाता है। नौ दिनों तक देवी को मेवे और फलों से सजाया जाता है और प्रतिदिन उनके एक अलग रूप की पूजा की जाती है। यह शृंगार मंदिर की महिमा को और भी बढ़ाता है। जब किसी भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है, तो वह भक्त भी मां का विशेष शृंगार करवाकर अपनी आस्था और धन्यवाद प्रकट करता है।

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