सोशल मीडिया पर धर्मान्तरण का बड़ा खेल..250 से अधिक लोगों को बनाया ईसाई, निगोहां पुलिस ने किया खुलासा, 1 गिरफ्तार

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: निगोहां के मेहंदौली गांव के बख्तौरी खेड़ा से धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दो वर्ष में उसने 250 से अधिक लोगों को बीमारी ठीक करने और आर्थिक प्रलोभन देकर ईसाई धर्म का मतानुयायी बनाया। पुलिस की जांच में 12 लोगों ने उसके खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल ने बताया कि सामाजिक संगठन से जुड़े धर्मेंद्र शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

मामले की जांच और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पांच टीमों का गठन किया गया है। छापेमारी में बख्तौरी खेड़ा निवासी मलखान उर्फ मलखान मैथ्यूज को गिरफ्तार किया गया है। वह खेत पर बने मकान को चर्च का रूप दिए था। वहां रविवार व गुरुवार को प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाता था। पुलिस ने इसी सभा के दौरान उसे पकड़ कर तथाकथित चर्च को सील कर दिया।

9 वर्ष पूर्व बना था पास्टर

पुलिस की जांच में सामने आया कि मलखान 2016 में पास्टर बना था। इसके बाद पत्नी और तीन बच्चों का धर्मांतरण कराया। इसके बाद कई अन्य लोगों को भी पास्टर बनाया था। इन सभी ने गिरोह बनाकर आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों नेटवर्क फैलाया। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को लालच देकर जोड़ना शुरू किया। फिर चंगई सभा में बुलाते थे। सभा में नए नियम समझाते थे। जिनमें महिलाओं को सिंदूर व चूड़ी नहीं पहनने की हिदायत दी जाती थी। 

इसके अलावा, बच्चों और पुरुषों के लिए भी अलग-अलग नियम थे। इन नियमों के तहत, धर्मांतरित लोग मंदिर में नहीं जा सकते थे और न ही घर में पूजा कर सकते थे। मलखान ने बताया कि उसका गिरोह पिछले दो वर्षों से सक्रिय है। वह निगोहां के अलावा शहर के अन्य लोगों को भी अपने जाल में फंसा रहा था। इस गिरोह में शामिल लोगों को प्रचार-प्रसार के नाम पर रकम भी दी जाती थी।

निशाने पर अनुसूचित जाति के लाेग और महिलाएं

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह विशेष रूप से अनुसूचित जाति की महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाता था। ये लोग बीमारी ठीक करने और चमत्कार दिखाने के नाम पर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने का लालच देते थे। इसके बदले में आनलाइन नहीं, बल्कि नकदी में मदद करते थे। अब तक 12 लोग सामने आए हैं, जिनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने मौके से ईसाई धर्म से जुड़ी पुस्तकें भी बरामद की है। मलखान लोगों की बीमारी ठीक करने और चमत्कार से आर्थिक लाभ पहुंचाने का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराता था।

‘यीशु चंगाई सभा’ नाम से बनाया था ग्रुप

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में मलखान ने बताया कि उसने ''यीशु चंगाई सभा'' से एक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा था। उस ग्रुप के जरिए वह अनुसूचित जाति के लोगों को जोड़ रहा था। लोगों को प्रार्थना सभा में बुलाकर बपतिस्मा दिलवाता था। पुलिस के मुताबिक आरोपिहत इस वर्ष अब तक 12 से अधिक महिलाओं और बच्चों के धर्मांतरण करा चुका है। कई अन्य लोगों का धर्मांतरण कराने की प्रक्रिया चल रही थी। कुछ दिन पूर्व धर्मांतरण की सूचना मिलने पर हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने घटनास्थल पर पहुंचकर हंगामा किया था। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मलखान को हिरासत में लिया था। उस समय उसके खिलाफ धर्मांतरण के प्रर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले थे। इस लिए उस समय पुलिस ने उसे छोड़ दिया था। पुलिस ने इसके बार उसकी गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया। आरोपित के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस उसे गिरफ्तार कर लिया।

विदेशी फंडिंग की जांच शुरू

पुलिस को संदेह है कि आरोपित को विदेशी फंडिंग मिल रही थी। पुलिस उसके आर्थिक स्रोतों की जांच कर रही है। साथ ही, जिन लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया गया है, उनसे भी पूछताछ की जा रही है। धर्मांतरण की प्रक्रिया किस प्रकार से की गई थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे,पुलिस इसके बारे में पता कर रही है। पुलिस गिरोह के सदस्यों के बारे में भी पता कर रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपित के बैंक अकाउंट के ट्रांजक्शन की जांच कर रही है।

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