पीलीभीत: शिकारियों की दस्तक को छिपाया, आधी अधूरी तैयारी..और हो गई फजीहत

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। तेंदुए के फंदे में फंसा मिलने के बाद शिकारियों की दस्तक का शोर मचा रहा। जिम्मेदार शुरुआत में इस बात को खुलकर बयां नहीं कर रहे थे। मगर, गभिया सहराई गांव में आधी अधूरी तैयारी से की गई छापामारी के बाद फजीहत हो गई। जिसके बाद अब वन दरोगा की ओर से 16 नामजद और 15 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।

इस एफआईआर में अंकित शब्दों पर ही गौर करें तो निचले स्तर पर बरती गई लापरवाही की ओर इशारा है। फिलहाल अब उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर सख्ती की जा रही है। हालांकि अभी आरोपियों की धरपकड़ में कामयाबी नहीं मिल सकी है। चर्चा ये भी है कि दूसरे पक्ष की ओर से भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

बराही रेंज के नौजलिया सेक्शन प्रभारी वन दरोगा शिवम कुमार ने माधोटांडा थाने में दी तहरीर में बताया कि 26 सितंबर को ग्राम नगरिया खुर्दकलां शारदा सागर डैम सीपेज नाले में तेंदुआ क्लज वायर में फंसा होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया तो एक तेंदुआ क्लज वासयरल में फंसा मिला था।

इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। इसके बाद प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी , उपप्रभागीय वनाधिकारीपूरनपुर और डॉ.दक्ष गंगवार के द्वारा करीब साढ़े 12 बजे तेंदुआ को ट्रैंक्यूलाइज करके प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी के निर्देशन में पीटीआर कार्यालय भेज दिया गया था। अधिकारियों के निर्देश पर 27 सितंबर की रात दस बजे वह टीम के साथ नगरिया खुर्दकलां क्षेत्र में गश्त कर लौट रहे थे।

नौजलिया चौकी पर वापसी करते वक्त उक्त घटना का वांछित भीम हलधर पुत्र नलीन हलधर निवासी गभिया सहराई नदी की ओर से आता दिखा। जब उसे आवाज देकर रोका गया तो उसने शेार मचाकर अपने साथियों को इकट्ठा कर लिया। जिसके बाद भीड़ ने स्ठटाफ को बंधक बनाकर लाठी डंडे से मारपीट की। जिसमें कर्मचारी घायल हो गए। किसी तरह भागकर टीम ने खुद को बचाया।

नामजद किए गए कुछ शातिर शिकारी भी बताए गए हैं, जोकि पीटीआर ही नहीं नेपाल राष्ट्र में भी एक्टिव हैं। ऐसे में आधी अधूरी तैयारी के साथ धरपकड़ की तैयारी साफ तौर पर लापरवाही का संकेत दे रही है।  ये भी बताया जा रहा है कि टीम बिना वर्दी के गई थी और पुलिस को भी सूचना नहीं थी।  

विभागीय अधिकारियों को भी फजीहत के बाद इसका पता चल सका। जबकि मामला शातिर शिकारियों से जुड़ा खुद बराही रेंज के जिम्मेदार बता रहे हैं।  इस टीम में वन दरोगा समेत पांच लोग थे। जिसमें वन दरोगा शिवम कुमार के अलावा चार दैनिक श्रमिक रवि कुमार, सुरेंद्र पाल सिंह, धर्मेंद्र कुमार और रामगोपाल हैं। इसका जिक्र एफआईआर में भी है। फिलहाल इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। 

ये किए गए नामजद

गभिया सहराई गांव निवासी प्रभाष मंडल पुत्र विभूति मंडल, मुन्ना मंडल पुत्र प्रभाष मंडल, राहुन पुत्र कृष्णा, रोहित पुत्र कृष्णा, भीम हलधर पुत्र नलीन हलधर, तारक राय पुत्र चन्द राय, गनेश राय पुत्र तारक राय, कार्तिक राय पुत्र तारक राय, गोविंद मंडल पुत्र दुलाल मंडल, धीरज पुत्र दिलीप, रवि बैरागी पुत्र नितई, राकेश वैरागी पुत्र नितई, अजीत सरकार पुत्र किन्नू सरकार, पंचानन मंडल पुत्र दुलाल, दुलाल मंडल पुत्र सन्यासी मंडल, भोला मंडल पुत्र भूषन मंडल।

तेंदुआ मिलने के दूसरे दिन सात पर काटा था केस

वन विभाग की टीम पर हमला 27 सितंबर की रात हुआ। एक दिन पूर्व तेंदुआ फंसा मिला था, जिसकी बाद में मौत भी हो गई थी।  इस मामले में कार्रवाई वन विभाग के जिम्मेदारों की मानें तो सत्ताईस सितंबर को केस काटा गया था।

जिसमें गभिया सहराई गांव निवासी भीम हलधर पुत्र नलीन हलधर, प्रभास मंडल पुत्र विभूति मंडल, तारक राय पुत्र लाल चंद राय, दुलाल मंडल पुत्र सन्यासी मंडल, नगरिया खुर्द गांव निवासी गोपाल बाला पुत्र चिट्टू बाला, हरिश्चंद्र गार्डन को आरोपी बनाया गया है। वनकर्मियों का दावा है कि इसी केस में वांछित भीम हलधर को देख पकड़ने का प्रयास किया और फिर हमला हुआ था।

वन दरोगा की ओर से तहरीर प्राप्त हुई थी। जिसके आधार पर 16 नामजद समेत 31 लोगों पर विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विवेचना कराई जा रही है... अशोक पाल, इंस्पेक्टर माधोटांडा।

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