कानपुर : 34 माह बाद जेल से बाहर आए इरफान सोलंकी, परिजनों को गले लगाया, कहा- न्याय की जीत हुई
विधायक पत्नी नसीम सोलंकी, बेटे और मां खुर्शिदा बेगम लेने पहुंची महराजगंज जेल
कानपुर, अमृत विचार। दो दिसंबर 2022 से जेल में बंद सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को मंगलवार 34 माह बाद महराजगंज जेल से रिहाई मिली। जेल से बाहर आते ही इरफान ने कहा कि न्याय की जीत हुई। मुझे अल्लाह पर भरोसा था, है और रहेगा। पत्नी व बच्चों को गले लगाया, वहीं जेल के बाहर मौजूद सर्मथकों को शुक्रिया कहा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से चार दिन पहले इरफान को गैंगस्टर मामले में जमात के बाद मंगलवार को वह बाहर आए। इरफान को लेने उनकी विधायक पत्नी नसीम सोलंकी, दोनों बेटे और मां खुर्शिदा बेगम महराजगंज जेल पहुंची थीं। जेल के बाहर इरफान के समर्थक भी उनके बाहर निकलने का इंतजार करते रहे। पति को बाहर लाने के लिए नसीम अंदर जाने लगी तो सुरक्षाकर्मियों ने उनके बेटों को बाहर ही रोक लिया। अकेले विधायक ही अंदर गईं। पति से मुलाकात के बाद बाहर आकर नसीम ने कहा कि जल्द ही रिहाई हो जाएगी।
इसके बाद उन्होंने जेल गेट के बाहर खड़े समर्थकों से कहा, कुछ दूर होकर खड़े हो। कुछ देर बाद इरफान के कपड़े और जरूरी सामान को जेल के अंदर भेजा गया। इरफान जेल से बाहर आते ही पत्नी व बच्चों से गले मिले। इसके बाद समर्थकों को शुक्रिया कहा। बोले न्याय की जीत हुई। कार के गेट पर फिर सनरूफ पर खड़े होकर हाथ हिलाकर समर्थकों का धन्यवाद किया।
ईडी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से की पूछताछ
मंगलवार को ही सुबह 10 बजे इरफान का परवाना जेल पहुंचा। वहीं जेल से बाहर आने से पहले मनी लॉर्डिंग से जुड़े मामले में इरफान सोलंकी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ की है। इसी कारण रिहाई में देरी हुई। इरफान के जेल से निकलने से पहले ही सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। गेट के पास पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
परवाना कानपुर आने से तीन दिन टली रिहाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में इरफान को चार दिन पहले जमानत दी थी। यह आखिरी मामला था, जिसमें जमानत के बाद रिहाई मिलनी थी। जमानत के बाद अगले दिन रिहाई हो जाती, लेकिन परवाना कानपुर जेल पहुंच गया। इसलिए एक दिन उनके भाई रिजवान बाहर आ गए। दूसरे दिन परवाना महराजगंज जेल पहुंचा, जब जाकर इरफान को रिहाई मिली।
आगजनी मामले में कोर्ट ने सुनाई सात साल कैद
जाजमऊ की डिफेंस कालोनी निवासी इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान समेत अन्य पर पड़ोसी नजीर फातिमा के प्लॉट में बने अस्थायी घर फूंकने का आरोप लगा। नजीर फातिमा ने आठ नवंबर 2022 को जाजमऊ थाने में इरफान, रिजवान समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप लगाया कि सात नवंबर 2022 को उनके परिजन शादी समारोह में थे, तभी इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी और उनके साथियों ने आग लगाई। वह लोग घर छोड़कर भाग जाए, इस साजिश के तहत यह घटना की गई। प्लॉट पर विधायक परिवार कब्जा करना चाहता था।
आग से गृहस्थी, फ्रिज, टीवी, सिलेंडर और बाकी सामान जल गया था। जांच के बाद शौकत, शरीफ और इसराइल आटावाला, अनूप यादव, महबूब आलम, शमशुद्दीन, एजाजुद्दीन, मो. एजाज, मुर्सलीन भोलू, शकील चिकना का भी नाम मुकदमे में शामिल हुआ।
इरफान सोलंकी 7 जून 2024 को कानपुर एपी-एमएलए कोर्ट ने जाजमऊ में आगजनी मामल में सात साल की सजा सुनाई व 30 हजार 500 जुर्माना लगाया गया था। इरफान के भाई रिजवान और उसके साथियों इसराइल आटा वाला, मो. शरीफ और शौकत अली को भी उतनी ही सजा सुनाई गई थी।
गैंगस्टर एक्ट में हुई कार्यवाही
26 दिसंबर 2022 को तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने इरफान, उनके भाई रिजवान, इसराइल आटा वाला, मो. शरीफ, शौकत पहलवान, एजाज उर्फ अज्जन, मुरसलीन भोलू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें इरफान सोलंकी को गैंग सरगना बताया गया।
गैंगस्टर मामले में इरफान, रिजवान, शौकत पहलवान और एजाज ने एडीजे-आठ विनय कुमार गुप्ता की कोर्ट में डिस्चार्ज याचिका दाखिल की। 31 अगस्त 2025 को कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों की याचिका खारिज की। आरोप तय के करने के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की थी।
10 सितंबर 2025 को एडीजे-आठ कोर्ट में आरोपी तलब किए गए। इरफान सोलंकी बीमार के कारण कोर्ट में पेश नहीं हो पाए। कोर्ट में इरफान की ओर से याचिका दी गई कि उन्हें इलाज के लिए गोरखपुर अस्पताल जाना था।
17 सितंबर को कानपुर कोर्ट में फिर सुनवाई हुई। कोर्ट ने आरोप तय कर दिए। पेशी पर आए इरफान ने कहा, मुझे कोर्ट पर भरोसा है, इंसाफ मिलेगा।
गैंगस्टर के बाद 30 करोड़ की संपत्ति हुई जब्त
इरफान सोलंकी पर गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद उनकी व उनके गैंग की करीब 30 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त हुई। इरफान के पांच ठिकानों पर ईडी ने छापा मारा।
आर्यनगर व सीसामऊ से 17 साल रहे विधायक
इरफान सोलंकी का राजनीति विरासत में मिली। पहली बार 2007 में आर्यनगर सीट से सपा से विधायक बने। इसके बाद 2012 में और 2017 में सीसामऊ विधानसभा से जीत दर्ज कराई। यह दोनों चुनाव भी सपा के टिकट पर लड़े। 2022 में सीसामऊ सीट से जीते। विधायकी जाने पर इसी सीट पर हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी नसीम सोलंकी ने सपा के टिकट पर चुनाव जीता।
