बरेली बवाल : कसा शिकंजा...डॉक्टर नफीस और उनका बेटा भी नामजद
बरेली, अमृत विचार। जुमे की नमाज के बाद पुलिस पर पथराव और फायरिंग कराने वाले मास्टर माइंड आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के करीबी डॉ. नफीस और उनके बेटे फरहान को भी पुलिस ने विवेचना में नामजद किया है।
पिता-पुत्र दोनों मौलाना तौकीर रजा खां के संपर्क में रह कर शहर को दंगा के हवाले करना चाहते थे। इतना ही नहीं फेसबुक पर बने आईएमसी पार्टी के पेज पर लगातार पोस्ट कर इस्लामिया ग्राउंड भरने के लिए अपील कर रहे थे। कार्यक्रम रद्द होने वाले लेटर पैड को पेज पर पोस्ट किया। उसका स्क्रीन शॉट लेकर पुलिस को भेजते ही उसे डिलिट कर दिया। अब पिता-पुत्र दोनों पुलिस के रडार पर आ गए हैं।
बता दें कि पुलिस की तरफ से इस प्रकरण में अलग-अलग थानों में कुल 10 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें से पांच मुकदमे कोतवाली में दर्ज कराए गए हैं। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे परतें खुलती जा रही हैं। खुद को निर्दोष बताने वाले डॉ. नफीस और उनका बेटा फरहान उर्फ फम्मू लगातार मौलाना तौकीर रजा के संपर्क में थे। मौलाना के मिले निर्देश यह आगे अपने लोगों तक पहुंचा रहे थे। नफीस का बेटा फरहान फेसबुक पर बने आईएमसी के पेज को लगातार अपडेट कर रहा था।
सबसे पहले उसने भारी संख्या में भीड़ वाली वीडियो पोस्ट करते हुए इस्लामिया ग्राउंड को पूरा भर देने की अपील की। इसके कुछ ही देर बाद उसने अलग-अलग कई वीडियो और पोस्ट कर भारी भीड़ जुटाने की कोशिश की।
इतना ही नहीं जब आईएमसी की लेटर पैड पर कार्यक्रम रद्द करने के लिए लिखकर दिया गया तो पुलिस ने उस लेटर पैड को फेसबुक पर डालने की अपील की। हैरानी की बात यह है कि उसने उस लेटर पैड को पोस्ट किया। उसका स्क्रीन शॉट लेकर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को भेज दिया, लेकिन दो मिनट बाद ही उस पोस्ट को डिलिट कर दिया। शुक्रवार सुबह भी उसने नई पोस्ट डालकर सभी को कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की।
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