रिश्वतखोरी और अभद्र टिप्पणी के आरोप में अमेठी के डी सी मनरेगा हटाए गए
अमेठी अमृत विचार। अमेठी में भ्रष्टाचार और अमर्यादित आचरण के गंभीर आरोपों में घिरे श्रम रोजगार एवं मनरेगा उपायुक्त डी सी मनरेगा शेर बहादुर पर शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रिश्वतखोरी में लिप्त होने और महात्मा गांधी व अन्य महापुरुषों पर अभद्र टिप्पणी करने से संबंधित एक विवादित ऑडियो वायरल होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। उन्हें लखनऊ स्थित आयुक्त ग्राम विकास कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
वायरल हुए एक ऑडियो में उपायुक्त शेर बहादुर किसी व्यक्ति से कथित तौर पर विकास कार्यों के नाम पर पैसों की मांग करते और महापुरुषों के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल ऑडियो की पुष्टि अमृत विचार नहीं करता है। इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिया। डिप्टी सीएम ने ग्राम्य विकास विभाग को मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उपायुक्त को अमेठी से हटा दिया।
डीएम ने गठित की जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी डीएम संजय चौहान ने त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने एडीएम अर्पित गुप्ता की अध्यक्षता में एक दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। डीएम ने समिति को जल्द से जल्द पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, शेर बहादुर के खिलाफ पहले भी मनरेगा कार्यों में अनियमितता और कमीशनखोरी की शिकायतें मिल रही थीं।
