कानपुर : एनेस्थीसिया इंजेक्शन के हाईडोज से आईसीयू स्टाफ की मौत, हॉस्पिटल के चेंजिंग रूम में मिला शव
ड्यूटी खत्म करने के बाद पहुंचा चेंजिंग रूम, खुद ही लगाया इंजेक्शन का डबल डोज
कानपुर, अमृत विचार। एनेस्थीसिया इंजेक्शन का लती हॉस्पिटल का आईसीयू स्टाफ ने डबल डोज ले ली। जिससे दो घंटे में ही उसकी मौत हो गई। हॉस्पिटल के चेंजिंग रूम का दरवाजा बंद कर उसने खुद ही इंजेक्शन लगाया। जब साथी कर्मी वहां पहुंचे तो शव पड़ा देखकर सन्न रह गए।
सूचना पर हॉस्पिटल प्रबंधन में भी हड़कंप मच गया। खबर पाकर पहुंची नौबस्ता पुलिस ने जांच-पड़ताल की। पता चला कि युवक इंजेक्शन का लती था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखा और शव पोस्टमार्टम भेजा। मूलरूप से फतेहपुर के जाफरगंज कमासी का रहने वाला 27 वर्षीय युवक संतोष कुमार नौबस्ता स्थित रॉयल चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में आईसीयू स्टाफ था।
पिता राधेलाल किसान हैं और पत्नी निर्मला व बड़े बेटे सुधीर के साथ गांव में ही रहते हैं। यहां चकेरी के शिवकटरा केसा हाउस रामादेवी के पास दूसरे नंबर का भाई अनिल (फिजियोथैरपिस्ट) के साथ संतोष रहता था। अनिल के अनुसार संतोष की ड्यूटी रात आठ बजे से सुबह पांच बजे तक होती थी। रविवार सुबह जब वह समय पर घर नहीं आया तो फोन किया, लेकिन उठा नहीं।
इस पर हॉस्पिटल में फोन करके जानकारी ली तो साथियों ने बताया वह समय से जा चुका है। करीब आधे घंटे बाद सुबह आठ बजे फोन आया कि स्टाफ चेंजिंग रूम में संतोष का शव मिला है। इस पर तत्काल परिजन मौके पर पहुंचे। शव के समीप ही एनेस्थीसिया इंजेक्शन का डबल डोज व सीरिंज मिली। सूचना पर नौबस्ता पुलिस ने जांच की। सीसीटीवी फुटेज देखकर कब्जे में लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
वहीं बुआ के लड़के अनिल ने बताया कि संतोष इंजेक्शन का लती था। हाईडोज लेने से उसकी मौत हुई है। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि हाईडोज उसने नशे के लिए, या आत्महत्या के इरादे से लिया है। उन्होंने बताया कि संतोष करीब चार साल से हॉस्पिटल की आईसीयू में तैनात था। दूसरे हॉस्पिटल की आसीयू को भी स्टाफ उपलब्ध कराता था।
एनेस्थीसिया के इंजेक्शन का उपयोग
चिकित्सकों के अनुसार एनेस्थीसिया के इंजेक्शन का उपयोग सर्जरी के दौरान कंकाल की मांसपेशियों को शिथिल करने में किया जाता है। इंजेक्शन का इस्तेमाल एनेस्थीसिया और सर्जिकल प्रक्रिया में मांसपेशियों को आराम देने के लिए किया जाता है। यह मांसपेशियों को आराम देने वाले इंजेक्शन से संबंधित है।
हाईडोज कैसे हो सकता है मौत का कारण
चिकित्सकों के अनुसार सुकोल इंजेक्शन का हाईडोज लेने से कई समस्याएं हो सकती है। जो जानलेवा साबित हो सकती है। जैसे सांस लेने में रुकावट, हार्ट अटैक, कोमा में चला जाना आदि समस्या पर जान जा सकती है। इसके अलावा और भी समस्या हो सकती है, जो व्यक्ति को अपाहिज कर सकती है।
