राहुल गांधी मानहानि प्रकरण : गवाह के गैरहाजिर रहने से सुनवाई 17 अक्टूबर तक टली
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा मामला
सुलतानपुर, अमृत विचार। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में सोमवार को सुनवाई परिवादी के गवाह के न आने से टल गई। न्यायालय ने परिवादी के दूसरे गवाह रामचंद्र दूबे को गवाही के लिए 17 अक्टूबर को तलब किया है।
उक्त नियत तारीख पर परिवादी के गवाह रामचंद्र दूबे की गवाही दर्ज की जायेगी। परिवादी भाजपा नेता एवं कोआपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन विजय मिश्र के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि मामला वर्ष 2018 का है। 4 अगस्त को विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का वाद दाखिल किया था।
आरोप है कि राहुल गांधी ने बेंगलुरु की एक जनसभा में उस समय भाजपा अध्यक्ष रहे अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इससे आहत होकर उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया। जिसमे कोर्ट ने बीते साल 27 नवम्बर को राहुल गांधी को तलब करने का आदेश दिया था।
कोर्ट में हाजिर होकर राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को जमानत कराई थी तथा 25 जुलाई को उनका बयान कोर्ट में दर्ज हुआ था। बयान में उन्होंने इस मुकदमे को राजनीतिक साजिश बताया था। अब न्यायालय में परिवादी के दूसरे गवाह रामचंद्र की गवाही दर्ज होगी जिस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
राहुल गांधी की निगरानी अर्जी पर फैसला टला
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ित मुस्लिम युवकों को आईएसआई से जोड़ने वाले कथित बयान से जुड़े मामले में दाखिल निगरानी अर्जी पर सोमवार को आदेश आना था, लेकिन न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण फैसला टल गया। इससे पहले फास्ट ट्रैक कोर्ट में न्यायाधीश राकेश की अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं।
यह मामला कोतवाली नगर निवासी मोहम्मद अनवर द्वारा दायर परिवाद से जुड़ा है, जिसे मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खारिज कर दिया था। बाद में अनवर ने जिला जज की अदालत में निगरानी अर्जी दाखिल की। अब अदालत का आदेश ही तय करेगा कि इस प्रकरण की कानूनी दिशा आगे किस रूप में बढ़ेगी। राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
