कानपुर : सदन से पहले पार्षदों का ‘गृहकर’ पत्र, चर्चा के लिए मांगा समय, महापौर ने फिर बुलाई बैठक
कानपुर, अमृत विचार। नगर निगम और जलकल के वित्तीय वर्ष 2025-26 का मूल बजट पेश करने को एक बार फिर से बुधवार को महापौर प्रमिला पांडेय ने सदन बुलाया है। इससे पहले दो बार सदन स्थगित किया जा चुका है।
वर्ष 2022 से बढ़ाकर लगाए गए गृहकर व ब्याज के खिलाफ नगर निगम के पार्षद एकजुट हैं। पार्षद गृहकर बिलों की अनियमितताओं के खिलाफ चर्चा की मांग कर रहे हैं। सदन की नई तारीख आते ही पार्षदों ने महापौर के नाम गृहकर पत्र भेजकर जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए अलग से समय मांगा है।
महापौर ने इससे पहले 23 सितंबर को सदन बुलाया था। बजट पास करने के लिए चर्चा शुरू हुई तो पक्ष-विपक्ष के पार्षदों ने गृहकर को लेकर हंगामा छेड़ दिया। इस बीच महापौर की तबियत खराब होने की वजह से सदन को एक दिन के लिए स्थिगित कर दिया गया। जब दूसरा दिन आया तो फिर से महापौर कार्यालय से पार्षदों को बताया गया कि अपरिहार्यकारणों से सदन स्थगित कर दिया गया। अब महापौर ने एक बार फिर से सदन बुलाया है।
बुधवार 8 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे सदन की कार्रवाई शुरू होगी। सोमवार को इस संबंध में विपक्षी दल के पार्षदों से राय करने के बाद कांग्रेस पार्षद दल के नेता हाजी सुहेल अहमद ने महापौर प्रमिला पांडेय को पत्र भेजा। उन्होंने महापौर से कहा कि पूर्व के स्थगित सदन में कानपुर नगर के सम्मानित गृहकर दाताओं पर "अनाप-शनाप गृहकर की बढ़ोतरी के संबंध में चर्चा हो रही थी जोकि सदन के स्थगित होने के कारण पूर्ण नहीं हो सकी थी तथा उस पर कोई भी निर्णायक फैसला नहीं हो सका था।
उन्होंने अनुरोध किया कि वर्ष 2022 से बढ़ाकर लगाए गए गृहकर व डिमांड नोटिसों पर वर्ष 2022 से वसूले जाने वाले ब्याज पर भी रोक लगाए जाने की आवश्यकता है। वहीं वर्ष 2022 से बढ़ाए गए गृह कर व ब्याज के संबंध में नगर निगम के अधिकारियों से कुछ प्रश्न होने जरूरी है ताकि सच्चाई सदन के सामने आ सके।
अभी चर्चा तक नहीं हो सकी
नगर निगम ने इस वर्ष 28.35 अरब का बजट पेश किया है। इसको सदन के पटल पर रख गया है लेकिन अभी चर्चा नहीं हो सकी है। इसी तरह जलकल ने नये वित्तीय वर्ष में 4.32 अरब रुपये प्रस्तावित किए हैं, यह बजट अभी सदन में सुना नहीं गया है।
गृहकर के मुद्दे पर हक लोग एक राय है। जनता से बढ़ा हुआ गृहकर और नियम विपरीत लिए जा रहे ब्याज को नहीं लेने दिया जायेगा। मैंने सदन में अधिकारियों से जवाब मांगने के लिए महापौर को पत्र आज दिया है... हाजी सुहेल अहमद, कांग्रेस पार्षद दल के नेता।
सदन में बजट को लेकर सवाल करेंगे। गृहकर बिलों में संशोधन न होने की वजह से जनता को छूट का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। नगर आयुक्त ने कहा था कि अधिकारी पार्षद के साथ मिलकर कैंप लगाएंगे, ऐसा नहीं हो रहा है...नवीन पंडित, भाजपा पार्षद दल के नेता।
