शासन की बड़ी कारवाई : देवरिया मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य को हटाया, पानी की टंकी शव मिलने का मामला
लखनऊ। देवरिया जिले में स्थित महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में पानी की टंकी के अंदर मिले शव की घटना को गम्भीरता से लेते हुये उत्तर प्रदेश सरकार ने कालेज के प्रधानाचार्य को हटा दिया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा अमित घोष ने इसे जन स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के हिसाब से गम्भीर खतरा मानते हुए वहां के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल को हटाते हुए कार्यवाहक प्रधानाचार्य की तैनाती कर दी है।
बुधवार को प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष के स्तर से जारी आदेश में कहा गया है कि तथ्य प्रकाश में आया है कि स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, देवरिया में पानी की टंकी में कई दिनों से बदबू आ रही थी। स्थलीय निरीक्षणोपरान्त पाया गया कि उक्त पानी की टंकी में एक डेड बॉडी पड़ी हुई थी, जो कई दिनों से टंकी में थी। इस कारण जन स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को गम्भीर खतरा उत्पन्न हुआ है।
उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि इस मामले में शासन द्वारा जिलाधिकारी, देवरिया को जांच अधिकारी नामित करते हुए जांच की कार्यवाही शुरू कर दी गयी है। वहीं जांच की कार्यवाही पूर्ण होने तक स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय देवरिया के प्रधानाचार्य डा. राजेश कुमार बरनवाल को हटाते हुए उन्हें कार्यालय महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण से सम्बद्ध किया जाता है।
अमित घोष ने डॉ. बरनवाल के स्थान पर डॉ. रजनी, आचार्य एवं विभागाध्यक्ष, एनाटमी विभाग, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एटा को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, देवरिया के कार्यवाहक प्रधानाचार्य का कार्यभार अग्रिम आदेशों तक नियुक्त किया है।
गौरतलब है कि पानी की टंकी में शव के मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। फिलहाल शव की पहचान नहीं हो सकी है और पुलिस भी इस दिशा में जांच कर रही है कि आखिर वह शव पानी की टंकी तक कैसे पहुंचा।
यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया जब कॉलेज की ओपीडी और वार्डों में आपूर्ति किए जा रहे पानी से लगातार दुर्गंध आने की शिकायतें मिलीं। सफाई कर्मियों ने जब बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर स्थित सीमेंटेड टंकी की जांच की तो उसमें एक सड़ा हुआ शव मिला।
पुलिस की मौजूदगी में कई घंटों की मशक्कत के बाद देर रात शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शव इतनी बुरी तरीके से सड़ चुका था कि अभी तक उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है।
