अयोध्या: राष्ट्रीय लोक अदालत में 2788 वादों का किया गया निस्तारण
अयोध्या, अमृत विचार। जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में शनिवार को मेगा लोक अदालत का आयोजन हुआ। जिसमें 2788 वादों का निस्तारण किया गया। जनपद न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश तिवारी, नोडल अधिकारी विधिक सेवा शैलेन्द्र सिंह यादव, प्रभारी सचिव विधिक सेवा संजीव त्रिपाठी के अतिरिक्त रीता कौशिक, भूदेव गौतम, अभिनव तिवारी, विजय गुप्ता, डा.सुनील कुमार सिंह (मुख्य …
अयोध्या, अमृत विचार। जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में शनिवार को मेगा लोक अदालत का आयोजन हुआ। जिसमें 2788 वादों का निस्तारण किया गया। जनपद न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश तिवारी, नोडल अधिकारी विधिक सेवा शैलेन्द्र सिंह यादव, प्रभारी सचिव विधिक सेवा संजीव त्रिपाठी के अतिरिक्त रीता कौशिक, भूदेव गौतम, अभिनव तिवारी, विजय गुप्ता, डा.सुनील कुमार सिंह (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट), पूजा सिंह आदि न्यायिक अधिकारियो ने दीप प्रज्जवलन व मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर शुभारंभ किया।
जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य मुकदमों के बोझ को कम करना एवं आपसी समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण करना है। जिससे सभी नागरिकों को न्याय के समान अवसर उपलब्ध हो सके। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डा. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि लोक अदालत में कुल 2788 मामलों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में महिलाओं, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों के अलावा पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, जन जाति आदि समाज के लोग लाभान्वित हुए।
लोक अदालत में निःशुल्क एलोपैथिक एवं होम्यो पैथिक चिकित्सा शिविर तथा कोविड प्रोटोकाल के तहत कोविड डेस्क भी बनाये गये थे। न्यायाधीश भूदेव गौतम ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा परिवहन एक्ट के तहत 28 वाद निस्तारित किए। कुल 1,16,56,000 धनराशि की क्षतिपूर्ति निर्धारित की गई। रिपेमेन्ट के15 केस निस्तारित हुए जिसमें कुल 71,00,660 रुपये की वसूली की गई।
बैंक रिकवरी से संबंधित 795 प्री लिटिगेशन वाद निस्तारित किए गए। बैंक संबंधी ऋण 36500100 रुपये वसूल किए गए। परिवारिक न्यायलयों से 49 मुकदमे निस्तारित किए गए। न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालयों से 1627 फौजदारी केसों को निस्तारित किया गया। कुल 212330 रुपये अर्थ दण्ड अधिरोपित किया गया।
सिविल न्यायालयों से 30 मामले निपटाकर 1538066 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र जारी किया गया। अन्य न्यायालयों में 222 राजस्व वाद निस्तारित किये गये। प्रभारी सचिव विधिक सेवा संजीव त्रिपाठी ने बताया कि अन्य लोक अदालतो की अपेक्षा इस में ज्यादा उत्साह देखा गया। 2788 वादों को निस्तारित किया गया।
