बाराबंकी : संयुक्त तहरीर पर सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा, आरोप व प्रताड़ना के चलते व्यापारी ने की आत्महत्या
बाराबंकी, अमृत विचार। खुद को गोली मारकर जान देने वाले कपड़ा व्यापारी नीरज जैन मौत प्रकरण में छोड़ा गया सुसाइड नोट पुलिस कार्रवाई का आधार बना है। प्रथमदृष्टया अत्यधिक प्रताड़ना के चलते आत्महत्या की घटना जाहिर होने के बाद सोमवार को मृतक की पत्नी व छोटे भाई की तहरीर पर सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बताते चलें कि शहर में धनोखर चौराहा के निकट स्थित मशहूर कल्पना साड़ी सेंटर से सटी दुकान में कपड़ों का व्यापार करने वाले नीरज जैन ने रविवार देर रात खुद को गोली मार ली। लक्ष्मणपुरी कालोनी स्थित मकान में हुई इस घटना में लाइसेंसी रिवाल्वर का प्रयोग किया गया।
घटना के कुछ देर बाद घर पहुंचे छोटे भाई केडी जैन व नौकर आर्यन ने दरवाजा खोला तो नीरज जमीन पर लहूलुहान पड़े हुए थे। यह लोग नीरज को लेकर जिला अस्पताल गए पर डाक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया। रात इस घटना की खबर फैलते ही परिजनों में हाहाकार मच गया, वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की।
वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके पर रिवाल्वर के अलावा तीन पन्ने का सुसाइड नोट भी मिला, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया। उधर सोमवार को मृतक की पत्नी आंचल उर्फ पूजा व छोटे भाई केडी जैन की आेर से संयुक्त रूप से तहरीर शहर कोतवाली में दी गई। तहरीर का आधार सुसाइड नोट में मृतक की ओर से लगाए गए आरोप व छह आरोपियों का नाम बनाया गया है।
सुसाइड नोट में सात आरोपियों के नाम
नोट में मुख्य रूप से कहा गया है कि नीरज जैन का व्यापार में करीब 96 लाख रुपए का नुकसान हो गया था। बैंक से उसकी मकान और दुकान नीलाम होने वाली थी। तब उसने मकान-दुकान को बचाने के लिए बाराबंकी शहर व लखनऊ वासी सात लोगों रिटायर्ड दरोगा उमाकांत उपाध्याय, वीर बहादुर, रंजीत शुक्ल, रंजीत, शुभम वर्मा, बलराम और अमरीश बाजपेयी से रकम उधार ली थी। रकम चुका देने के बावजूद आरोपियों ने फर्जी तरीके से दुकान का एग्रीमेंट अपने नाम करा लिया और 36 लाख रुपए हड़प लिए। आरोप है कि रविवार शाम उमाकांत उपाध्याय ने नीरज को फोन करके कर्ज अदायगी को लेकर काफी गालियां दी और नीरज की पत्नी के लिए काफी अपशब्द कहे थे। जिसको लेकर नीरज काफी तनाव में थे। आरोपी अक्सर सरेआम अपमानित कर देते व फोन करके धमकाते थे।
अन्य कारणों पर भी जांच कर रही पुलिस
तीन पन्नों का सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस ने संयुक्त तहरीर पर रिपोर्ट तो दर्ज कर ली है लेकिन घटना के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जांच इस बात की कि घटना के पीछे कहीं अन्य कारण तो नहीं या फिर मामला सुसाइड का ही है कोई साजिश तो नहीं। फिलहाल पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है। क्षेत्राधिकारी नगर संगम कुमार ने बताया कि मृतक की पत्नी व छोटे भाई की ओर से मिली तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। पुलिस हर बिंदु पर जांच करेगी।
