भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत, जानें क्या कहती है नीति आयोग की रिपोर्ट

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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नई दिल्ली। नीति आयोग ने देश की ब्लू इकोनॉमी को मजबूत करने के उद्देश्य से मछली पकड़ने वाले जहाजों के बेड़े को तेजी से बढ़ाने, उन्हें आधुनिक बनाने और बाजारों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की सलाह दी है। साथ ही, संचालन को विस्तार देने और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया है। 'भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था' नामक इस रिपोर्ट में क्षेत्रीय क्षमताओं को विकसित करने और रिसर्च कार्यों को बढ़ावा देने की जरूरत भी रेखांकित की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी विकल्पों का चयन लक्षित मछली प्रजातियों, जहाजों की क्षमता और नियामक प्रावधानों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मत्स्य गतिविधियां बढ़ सकें। मछली निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए एक मजबूत ढांचा बनाने और आधारभूत सुविधाओं की खामियों को दूर करने की भी अपील की गई है।

भारत का समुद्री इलाका बेहद विशाल है, जिसमें नौ तटीय राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों की कुल तटरेखा 11,098 किलोमीटर से अधिक फैली हुई है। देश में समुद्री मत्स्य पालन की लंबी परंपरा रही है, जो मुख्य रूप से तटीय क्षेत्रों और स्थानीय संसाधनों पर निर्भर करती आई है। यह क्षेत्र राष्ट्रीय जीडीपी में अहम भूमिका निभाता है। वित्त वर्ष 2023-24 में मछली एवं मत्स्य उत्पादों से होने वाली निर्यात कमाई पिछले दशक की तुलना में दोगुनी होकर 60,523 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो 2013-14 में मात्र 30,213 करोड़ रुपये थी।

यह रिपोर्ट समुद्री क्षेत्र की संभावनाओं को अनलॉक करने के लिए रणनीतिक कदमों पर फोकस करती है, जिससे आर्थिक विकास को नई गति मिल सके।

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