बरेली: एक जिला एक उत्पाद ने जरी-जरदोजी को दी संजीवनी
अमृत विचार, बरेली। एक जिला एक उत्पाद योजना (ओडीओपी) ने बरेली की जरी-जरदोजी की कढ़ाई को नई पहचान दी है। सोने-चांदी और रेशम के महीन धागों से की जाने वाली कढ़ाई को बढ़ावा देने के लिये सरकार भी कारीगरों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार ने हुनरमंद 10 कारीगरों को टूल किट उपलब्ध करायी हैं …
अमृत विचार, बरेली। एक जिला एक उत्पाद योजना (ओडीओपी) ने बरेली की जरी-जरदोजी की कढ़ाई को नई पहचान दी है। सोने-चांदी और रेशम के महीन धागों से की जाने वाली कढ़ाई को बढ़ावा देने के लिये सरकार भी कारीगरों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार ने हुनरमंद 10 कारीगरों को टूल किट उपलब्ध करायी हैं ताकि कारीगरों को बाजार से महंगे दामों पर टूल किट न खरीदनी पड़ें और अपनी कला में निखार ला सकें।
इन कारीगरों का चयन जिला स्तर पर किया गया था। 3 दिसंबर को लखनऊ में हुये कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कारीगरों को टूल किट दी थीं। शहर में जरी-जरदोजी का बड़े स्तर पर काम होता है। जरी जरदोजी की कारीगरी ने विदेशियों को भी अपना दीवाना बनाया है। जरी-जरदोजी का काम करने वाले कारोबारी बताते हैं कि कुछ सालों में विदेशों में लेदर पर जरी-जरदोजी की कढ़ाई वाले उत्पादों की मांग बढ़ी है। उत्पादों की वैश्विक स्तर पर मांग बढ़ने पर उद्योग विभाग कामन फैसिलिटी सेंटर तैयार करा रहा है।
जनपद में 1.70 लाख लोग जुड़े हैं इस उद्योग से
जनपद में जरी-जरदोजी के कारोबार से 1.70 लाख से अधिक लोग जुड़े हुये हैं। बरेली में जरी का सालाना टर्नओवर करोड़ों रुपये से अधिक का बताया जाता है। वर्तमान में जो कारीगर इस उद्योग से जुड़े हैं वे अभी दूसरे शहरों के बड़े कारोबारियों पर निर्भर हैं। आर्डर मिलने पर वह यहां डिजाइन करके देते हैं। ट्रेनिंग सेंटर खुलने से उन्हें रॉ मैटेरियल स्थानीय स्तर पर मिलने लगेगा।
9.39 करोड़ रुपये से तैयार हो रहा कॉमन फैसिलिटी सेंटर
जरी-जरदोजी को बढ़ावा देने के लिये फरीदपुर तहसील के नवादावान में 9.39 करोड़ की लागत से कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनाया जा रहा है। इसका भवन तैयार हो चुका है। मशीनें भी लग चुकी हैं। यहां जरी-जरदोजी से जुड़े कारीगरों को पैकेजिंग, मार्केटिंग और डिजिटलाइजेशन के कार्य की ट्रेनिंग दी जाएगी। सेंटर परिसर में मशीनरी हाल, ट्रेनिंग हाल प्रोजेक्टर सहित लाइब्रेरी, प्रोजेक्ट डिजाइनिंग रूम, पैकेजिंग हाल, रॉ मैटेरियल स्टोर रूम बनाया जा रहा है।
