Health Alert: सोहावल सीएचसी के लिए एक अदद अधीक्षक की तलाश, अब तक बिना प्रत्यावेदन के तैनात किए गए अधीक्षक खड़े कर चुके हैं हाथ
सीएमओ ने 13 सीएचसी के चिकित्सकों से मांगे प्रत्यावेदन
पुनीत श्रीवास्तव, अयोध्या, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के शीर्ष प्राथमिकता वाले जिले में स्वास्थ्य विभाग अपनी अजब-गजब कार्यशैली से सुर्खियों में है।
अब हाल यह हो गया है विभाग के मुखिया तक को सोहावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक अदद अधीक्षक पद पर तैनाती के लिए चिकित्सकों से प्रत्यावेदन मांगना पड़ रहा है। प्रत्यावेदन मांगे पांच दिन से अधिक हो गया है, लेकिन अभी तक किसी चिकित्सा अधिकारी के इसमें होने की सूचना नहीं मिली है। इसके पीछे सोहावल सीएचसी पर विगत कुछ महीनों से होने वाला बवाल माना जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से आठ अक्टूबर को एक पत्र जारी हुआ, जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोहावल छोड़कर समस्त 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को संबोधित किया गया है।
पत्र में लिखा गया है कि लेवल -2 और 3 के चिकित्साधिकारी या ऐसे चिकित्साधिकारी जिनकी पीएमएचएस संवर्ग में पांच वर्ष या उससे अधिक से सेवा हो और वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोहावल के अधीक्षक के पद पर कार्य करने के इच्छुक हों वह अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत करना सुनिश्चित करे, जिससे अधोहस्ताक्षरी द्वारा अग्रिम आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यह अलग बात है कि सीएमओ द्वारा अब तक बिना प्रत्यावेदन आमंत्रण के सीधे अधीक्षक पद पर तैनात किए गए तीन अधिकारी अपना अपना हाथ खड़ा कर चुके हैं।
विभाग के जानकर बताते हैं कि इस तरह से अधीक्षक या अन्य पद पर तैनाती का यह पहला आदेश है, जबकि सीएमओ खुद योग्य हैं और वह स्वयं तैनाती कर सकते हैं। हास्यास्पद यह है कि इससे पहले लेवल की लड़ाई में भी सीएमओ प्रत्यावेदन का टोटका आजमा चुके हैं, लेकिन कामयाबी नहीं मिली थी।
अधीक्षक-आशा विवाद के बाद सहमे हैं चिकित्सक
हाल ही में आशा-सीएचसी अधीक्षक विवाद के बाद सोहावल सीएचसी अधीक्षक डॉ. फातिमा हसन को रुदौली सीएचसी का अधीक्षक बना दिया गया था। सोहावल में डॉ. अपर्णा कोहली को अधीक्षक बनाया गया था। करीब एक हफ्ते पहले डॉ. अपर्णा मौके पर नहीं थीं। सीएचसी पर प्रसव के तीन ऑपरेशन होने थे। उस समय सीएमओ ने डॉ. फातिमा को यहां बुला लिया था। मौके पर आशा पहुंच गई थीं। डॉ. फातिमा को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। इस दौरान डॉ. अपर्णा भी पहुंच गई थीं। उन्हें भी आशा बहुओं के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा था। मामला थाने तक भी पहुंचा था। उसके बाद यहां डॉ अपर्णा ने अधीक्षक का पद संभालने से इनकार कर दिया था। सीएमओ ने सुनवा सीएचसी अधीक्षक डॉ. मदन बरनवाल को सोहावल में पद संभालने के लिए पत्र जारी किया, लेकिन उन्होंने भी यहां आने से मना कर दिया था।
सोहावल में इन चिकित्सकों की है तैनाती
सोहावल सीएचसी पर भी अनुभवी चिकित्सकों के होने की सूचना है। इनमें डॉ. संग्राम सिंह, डॉ. पंकज श्रीवास्तव, डॉ. उमेश, डॉ. अपर्णा कोहली व डॉ. आकांक्षा शामिल हैं। इसके अलावा यहां संविदा के दो चिकित्सक कार्यरत हैं।
सोहावल में अधीक्षक पद के लिए अभी कोई चिकित्सक आगे नहीं आया है। सोहावल के चिकित्सक तो सब उसी पार्टी के हैं। उनके सामने सारा विवाद हुआ, लेकिन वे लोग कुछ नहीं बोल रहे थे। इसका क्या मतलब निकाला जाए? -डॉ. सुशील कुमार बानियान, सीएमओ
