Outsourcing Employees: दीपावली बाद होगा कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान, ऊर्जामंत्री ने दिया निविदा संविदा कर्मचारी संघ को आश्वासन

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद खालिद के देखरेख में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से मुलाकात कर बिजली विभाग में जारी अनियमितताओं और आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। 

प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की ओर से वर्ष 2017 के अपने ही आदेशों का उल्लंघन करते हुए प्रदेश भर के लगभग 25 हजार बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। इसके साथ ही 55 वर्ष की आयु पूरी कर चुके अनुभवी कर्मचारियों को भी सेवा से हटाया जा रहा है, जिससे कार्य संचालन भी प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा वर्तमान कार्य व्यवस्था को समाप्त कर जबरन वर्टिकल प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे कार्यकर्ताओं में असंतोष व्याप्त है। 

संगठन ने यह भी बताया कि जनपद बाराबंकी में सुधार के नाम पर लगभग 13 करोड़ रुपये की बचत के उद्देश्य से 350 कर्मचारियों को हटाया गया, लेकिन इन कर्मचारियों की कमी से उत्पन्न बिजली संकट से निपटने के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये की एलओआई जारी करनी पड़ी है। यह निर्णय न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी गलत प्रतीत होता है। सभी तथ्यों और समस्याओं को सुनने के बाद ऊर्जा मंत्री ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन पर नाराजगी जताते हुए आश्वासन दिया कि दीपावली पर्व के बाद उनकी मौजूदगी में एक त्रिपक्षीय बैठक कराई जाएगी, जिसमें पावर कार्पोरेशन प्रबंधन और संगठन पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में सभी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस निर्णय लिए जाएंगे। 

संघ के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि संगठन को उम्मीद है कि सरकार और ऊर्जा विभाग इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान सुनिश्चित करेगा, जिससे हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिल सकेगी।

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