कानपुर में जाजमऊ गंगापुल की मरम्मत के लिए नहीं मिल पा रहा ठेकेदार.. नए साल में होगा काम, टेंडर प्रक्रिया के लिए मांगे गए आवेदन
कानपुर, अमृत विचार। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा दावे किए जा रहे थे कि अक्टूबर माह में जाजमऊ गंगापुल पर मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा, लेकिन ऐसा अभी तक हो नहीं सका है। पुल की मरम्मत के लिए अभी टेंडर प्रक्रिया ही नहीं पूरी हो सकी है। वहीं, एनएचएआई द्वारा की गई टेंडर प्रक्रिया में मरम्मत के लिए कंपनियों ने रूचि नहीं ली। इस वजह से अब दोबारा टेंडर डाले गए है। टेंडर प्रक्रिया नवंबर माह की शुरुआत में पूरी होने के बाद नए साल से पुल मरम्मत का कार्य हो सकेगा।
कानपुर को उन्नाव से जोड़ने के लिए वर्तमान में जाजमऊ गंगापुल पुल पर वाहनों का संचालन हो रहा है, जिसमे करीब दो से ढ़ाई लाख वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं, जिसमे बाइक, कार, टेंपों, ऑटो, बस, ट्रक व डंपर आदि वाहन शामिल है। पुल करीब 54 साल पुराना होने की वजह से पुल पर कई जगह गड्ढे हो गए हैं और कंपन बढ़ रहा है। इसलिए पुल की मजबूती आंकने के लिए एनएचएआई ने दिल्ली से सीएसआईआर से 10 इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की टीम को जांच के लिए बुलाया था। अगस्त 2024 को इंजीनियरों की टीम ने तीन दिनों तक पुल की जांच कर पुल में लगी बेयरिंग खराब होने की पुष्टि की।
बीते सात सालों में एनएचएआई ने तीन बार बेयरिंग की मरम्मत कराई, लेकिन ओवरलोडिंग के कारण पुल धीरे-धीरे कमजोर होता जा रहा है। इसलिए एनएचएआई ने हमीरपुर यमुना पुल की तरह जाजमऊ गंगापुल की मरम्मत कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में एनएचएआई ने तैयारी शुरू की और अक्टूबर माह में मरम्मत कराने की योजना बनाई थी। लेकिन यह योजना अभी तक धरातल में नहीं उतर सकी है। मरम्मत के लिए एनएचएआई की टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदारों ने दिलचस्पी नहीं ली। इसलिए दोबारा टेंडर डाले गए हैं। अक्टूबर माह के अंत या नवंबर माह की शुरुआत में टेंडर खोले जाएंगे और ठेका आवंटित होगा। तब इसके बाद नए साल से मरम्मत कार्य शुरू हो सकेगा।
हर पिलर में लगी है चार बेयरिंग
जाजमऊ गंगापुल 20 पिलर पर टीका हुआ है, इसके प्रत्येक पिलर में चार बेयरिंग लगी है। सीएसआइआर की टीम ने सभी बेयरिंग की जांच कर पुल की मरम्मत का सुझाव दिया है। पुल में दरारों को खत्म करने और कोठियों की स्लैब को बनाकर पुल को मजबूत करने की संस्तुति की गई है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने के मुताबिक गंगापुल की मरम्मत के लिए टेंडर डाले गए थे। इसमें कंपनियां नहीं आईं हैं, अब दोबारा रीटेंडरिंग कराई गई है। टेंडर खुलने के एक या दो महीने में मरम्मत कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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