लखीमपुर खीरी : दुधवा की बेलरायां रेंज में फायरिंग के बीच तीन लकड़कट्टे दबोचे, छह फरार
लंबे समय से चल रहे कटान पर बड़ी कार्रवाई, साखू के लट्ठों संग आरा, कुल्हाड़ी व साइकिलें बरामद
पलियाकलां, अमृत विचार: दुधवा टाइगर रिजर्व की बेलरायां रेंज में मंगलवार की रात पेट्रोलिंग टीम का कीमती साखू की लकड़ी के बोटे साइकिल पर लादकर जा रहे लकड़ कट्टों से सामना हो गया। टीम ने जब उन्हें ललकारा और दबोचने की कोशिश की तो लकड़ कट्टों ने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग के बाद वनकर्मियों ने तीन लकड़ कट्टों को दबोच लिया, जबकि उनके छह साथी साइकिलों को मौके पर छोड़कर भाग जाने में सफल रहे। वन विभाग ने केस दर्ज कर तीनों आरोपियों का चालान भेजा है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक जगदीश आर. ने बताया कि बेलरायां रेंज की गश्त के दौरान वनकर्मियों ने कुछ लोगों को साखू के कीमती पेड़ काटते हुए पकड़ा। जब टीम ने उन्हें ललकारा तो अपराधियों ने जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में टीम ने साहस दिखाते हुए तीन को धर दबोचा, लेकिन छह आरोपी बोटों से लटी साइकिलें मौके पर छोड़कर भाग निकले। पकड़े गए अपराधियों की पहचान शमीम पुत्र बुद्धा, अल्ताफ पुत्र मेहदी हसन और अलीम पुत्र बुद्धा, निवासी कुशाही कोतवाली तिकुनियां के रूप में हुई है। मौके से आरा, कुल्हाड़ियां, कीमती साखू के लट्ठे और नौ साइकिलें बरामद की गई हैं। वन विभाग ने तीनों को गिरफ्तार कर चालान भेजा है, जबकि फरार अपराधियों की तलाश में रेंज की सीमाओं पर सघन नाकेबंदी की गई है।
बेलरायां रेंज में लगातार सक्रिय वन माफिया
काफी लंबे समय से दुधवा नेशनल पार्क की बेलरायां रेंज में साखू और अन्य कीमती वृक्षों की अवैध कटाई जारी है। रात के अंधेरे में आरे और कुल्हाड़ियों की आवाज़ें जंगल की खामोशी चीर रही हैं। वन माफिया का जाल इतना मजबूत है कि वे गांव-गांव तक अपने सहयोगी फैला चुके हैं। लकड़ी काटने, लादने और बेचने तक की पूरी चेन सक्रिय है। कमज़ोर निगरानी: कई बार गश्ती दलों की संख्या कम होने या सीमित संसाधनों के चलते अपराधी पकड़ से बाहर रह जाते हैं।
