Diwali 2025: सरयू की कलकल में दमकता रामनगरी का वैभव, राम के आगमन की प्रतीक्षा में आतुर ही नहीं व्याकुल भी अयोध्या
अयोध्या, अमृत विचार: अयोध्या, भगवान श्रीराम की जन्मभूमि, जहां हर पत्थर रामकथा की गूंज रखता है, आज फिर दीपों की माला से सज रही है। 2025 का दीपोत्सव, जो 18 से 20 अक्टूबर तक चलेगा, मुख्य रूप से 19 अक्टूबर को चरम पर होगा। यह न सिर्फ रोशनी का त्योहार है, बल्कि पौराणिक आस्था का जीवंत चित्रण। जहां राम का वनवास समाप्ति पर लौटना, रावण पर विजय और अयोध्या के दीपों से स्वागत की कथा, आज भी हृदय स्पंदित करती है।
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रामायण की इस अमर गाथा को जीवंत करने के लिए इस बार सरयू के 56 घाटों पर 28 लाख दीये जगमगाएंगे, जो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने का संकल्प लिए हैं। राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह नौंवा दीपोत्सव है, जो हर एक को आध्यात्मिक ऊर्जा से और भी प्रदीप्त कर रहा है। राम की पैड़ी घाट पर गुरुवार को स्वयंसेवक दीयों को सजाने में लगे हुए थे। पास ही एक बुजुर्ग पुजारी, पंडित रामेश्वर दास भी बच्चों के साथ दीये सजाते हुए रुके। बोले बेटा, यह दीपोत्सव सिर्फ रोशनी नहीं, राम की विजय का प्रतीक है। उन्होंने हाथ में एक छोटा सा दीया थामे कहा राम ने 14 वर्ष वनवास काटा, रावण का संहार किया और जब वे पुष्पक विमान से लौटे, तो अयोध्या ने दीपों से उनका स्वागत किया। आज भी हम वही कथा जीते हैं। राम मंदिर के दर्शन के बाद यह उत्सव और पवित्र हो गया है,मानो स्वयं राम लौट आए हों। उनकी इस तरह की भावनाओं से वाल्मीकि रामायण की पंक्तियां गूंज रही थीं ''''दीप प्रज्वलित करि नगर नारी नर बृंद...''''। इस बार का दीपोत्सव, जो 17 से 20 अक्टूबर तक चलेगा, पिछले वर्षों से कहीं अधिक अनोखा और भव्य होगा।
सांझ ढलते ही उत्सव का वातावरण, घर से ही जलाए राम के नाम दिये
शाम ढलते ही सरयू घाट पर भीड़ उमड़ पड़ी। पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीयों का मेला सा लग रहा था। पास खड़ी एक युवा जोड़ी जो दिल्ली से आई नेहा और उसके पति राहुल, मोबाइल पर ''''दिव्य अयोध्या'''' ऐप चला रहे थे। बोले हम घर से एक दिया राम के नाम कैंपेन में शामिल हुए थे, नेहा बोलीं ऐप से वर्चुअल दिया जलाया, तो प्रसाद के रूप में अयोध्या की मिट्टी और सरयू जल घर पहुंच गया। राम ज्योति, सीता ज्योति या लक्ष्मण ज्योति पैकेज चुनकर हमने भाग लिया।
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घाटों और पथों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए सज रहे मंच
घाटों और पथों पर सांस्कृतिक मंच सज चुके हैं। एक बड़े स्टेज पर लोक नृत्य, शास्त्रीय संगीत और रामलीला के दृश्य प्रस्तुत होगें। लाइटिंग से आकाश रंगीन हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन साफ झलक रहा था। पास ही एक स्थानीय दुकानदार रामू चायवाले बोले भैया, यह उत्सव हमारी संस्कृति की झांकी है। राम मंदिर के बाद पर्यटन बढ़ा, रोजगार मिला।
