चित्रकूट :... तो क्या अधिकारियों को बचाने की हो रही कवायद, कोषागार घोटाले की चल रही है जांच
चित्रकूट कार्यालय, अमृत विचार। करोड़ों के कोषागार घोटाले के मामले में एक आरोपी सहायक लेखाकार की मौत के बाद से जिले में अफवाहों का बाजार गर्म है। चर्चा है कि जांच की पूरी कवायद जिस दिशा में की जा रही है, उसका लब्बोलुआब यह है कि किसी तरह से अधिकारियों को बचाया जाए।
गौरतलब है कि बीते दिनों जिले में पेंशनरों के खाते में अनियमित भुगतान का लगभग 44 करोड़ का मामला सामने आया था। इस मामले में वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह ने चार कोषागार कर्मियों, जिनमें एक सेवानिवृत्त सहायक कोषाधिकारी शामिल है, के साथ 93 पेंशनरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। एक आरोपी सहायक लेखाकार संदीप कुमार की पिछले दिनों इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। संदीप की मौत के बाद से चर्चाओं का बाजार गर्म है कि अब इस मामले में लीपापोती शुरू हो जाएगी।
पहले से ही कोषाधिकारी रमेश सिंह पर सवालिया निशान लग रहा है। आरोप है कि जब इस घोटाले के दौरान वह भी पद पर थे तो उनके खिलाफ जांच या एफआईआर क्यों नहीं। इसके अलावा जिस अवधि में यह घोटाला होने की बात कही जा रही है, उस दौरान कमलेश कुमार (दिसंबर 14 से सितंबर 19 तक), शैलेश कुमार (सितंबर 19 से अगस्त 23 तक) और इसके बाद से रमेश सिंह वरिष्ठ कोषाधिकारी रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ कर्मचारी ही इतनी बड़ी साजिश रच सकते हैं, जबकि बिना कोषाधिकारी के हस्ताक्षर के कोई लेनदेन संभव नहीं।
मेरी मौजूदगी में कराएं जांच- सांसद
उधर, समाजवादी पार्टी से सांसद कृष्णा शिवशंकर पटेल ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि संसदीय क्षेत्र के जिला चित्रकूट में कोषागार में हुए घोटाले की विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच सक्षम जांच एजेंसी से उनकी (सांसद की) उपस्थिति में कराए जाने का निर्देश जारी करें। उन्होंने आशंका जाहिर की है कि अधिकारियों की मिलीभगत से किए गए घोटाले एवं जिला प्रशासन द्वारा रिकवरी के नाम पर घटना को दबाया जा सकता है।
धनराशि जमा कराएं पेंशनर
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने एक विज्ञप्ति जारी कर पेंशनरों, पारिवारिक पेंशनरों को अनियमित भुगतान की धनराशि यथाशीघ्र जमा कराने को कहा है। उन्होंने कहा है कि जिनके खातों में रेगुलर पेंशन के अतिरिक्त अनियमित भुगतान हुए हैं, वे यह धनराशि ट्रेजरी चालान के माध्यम से भारतीय स्टेट बैंक कर्वी शाखा में जमा कराएं। चालान की मूल प्रति कोषागार में देने को भी कहा गया है।
