कानपुर : 300 के पास पहुंचा AQI, धुंध में सांस लेना दूभर
कार्यालय संवाददाता, कानपुर, अमृत विचार : दीपोत्सव के बाद शहर धुंध और धुएं की चादर में लिपट गया है। हवा में बढ़ती नमी के बीच जमकर हुई आतिशबाजी ने प्रदूषण का ग्राफ बढ़ा दिया है। बुधवार को शाम को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अधिकतम 254 दर्ज किया गया, जो आरेंज जोन खतरनाक स्थिति में आता है। हवा में छाई धूल, धुआं और पटाखों का असर सांसों पर भारी पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, दीपावली के एक दिन पहले जहां एक्यूआइ 201 तक पहुंचा था, वहीं अब यह बढ़कर 254 हो गया है।
दीपावली की देर रात तक जमकर आतिशबाजी हुई। इस दौरान देर रात हवा में धुएं का धुंध छाया। देर रात तक कई जगहों का एक्यूआई 300 तक पहुंच गया। जबकि अक्टूबर की शुरुआत में शहर की हवा सामान्य थी। एक अक्टूबर को सूचकांक 41 था, लेकिन 10 अक्टूबर के बाद लगातार यह बढ़ता जा रहा है। 19 अक्टूबर को औसत 201, 20 को 202, 21 को 229 और अब 22 अक्टूबर को यह 254 दर्ज हुआ है, जो और भी खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है। नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव न करने और सफाई अभियान में लापरवाही के चलते समस्या बढ़ती जा रही है। खुले में कचरा जलाने और निर्माण स्थलों पर ग्रीन चादर से ढकने को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। लेकिन इसका पालन नहीं कराया जा रहा है।
किदवई नगर में सबसे ज्यादा बढ़ा वायु प्रदूषण
आम तौर पर किदवई नगर में एक्यूआई सबसे कम दर्ज किया जाता है। लेकिन यहां सबसे ज्यादा प्रदूषण का ग्राफ बढ़ा। वायु प्रदूषण प्रदूषण मापन के लिए शहर के तीन प्रमुख निगरानी केंद्र एफटीआई किदवई नगर में 274, एनएसआइ कल्याणपुर में 261 और नेहरू नगर में 223 का वायु गुणवत्ता का स्तर बुधवार को शाम सात बजे तक दर्ज किया गया, जो खराब स्तर है। आतिशबाजी से निकले सूक्ष्म कण पीएम 2.5 और पीएम 10 अब हवा में घुलकर उसे खतरनाक बना रहे हैं। ये कण फेफड़ों के अंदर तक जाकर सांस की नलियों को प्रभावित करते हैं।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अजीत कुमार सुमन ने बताया कि दीपावली के बाद स्माग बढ़ जाता है। प्रदूषण के डेटा को एकत्र करके जानकारी जुटाई जा रही है। सतर्कता बरतने के लिए नोडल एजेंसी नगर निगम को पहले ही पत्र भेजा जा चुका है। उनके द्वारा पानी का छिड़काव और निर्माण स्थलों की निगरानी की जा रही है।
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