रामपुर : नवनिर्मित दो इंटरचेंज पर नवंबर माह में फर्राटा भरेंगे वाहन
428 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे दो बाईपास
वाहिद अली रामपुर, अमृत विचार। मुरादाबाद और बरेली की ओर से उत्तराखंड जाने वाले वाहनों की राह को आसान करने के लिए नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा रामपुर में फोर लेन बाईपास का काम तेजी से चल रहा है। इनमें दो बड़े इंटरचेंज बनाए गए हैं, जो शहर को जाम मुक्त बनाने में मददगार साबित होंगे। जीरो प्वाइंट से दुर्गनगला तक फोरलेन बाईपास पर नवबंर माह में वाहन फर्राटा भरेंगे। इस प्रोजेक्ट का लगभग 98 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
एनएचएआई ने बाईपास के दोनों प्रोजेक्ट पर 428 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। जीरो प्वाइंट से शहजादनगर दुर्गनगला फोरलेन मार्ग पर कार्य 98 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। हालांकि यह प्रोजेक्ट जुलाई 2025 में पूर्ण होना था, लेकिन इस पर काम लगभग खत्म की ओर है। वहीं हाईवे स्थित सिहोरा बाजे पंजाब-हरियाणा ढाबे से कोयला तक फोरलेन मार्ग 31 मार्च 2026 तक पूर्ण होने का लक्ष्य है। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से उत्तराखंड के रुद्रपुर जाने वाले वाहनों का दबाव कम करने के लिए एनएचएआई रामपुर शहर में दो प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। एनएचएआई के सहायक अभियंता गुरविंदर सिंह ने बताया कि जीरो प्वाइंट से शहजादनगर दुर्गनगला तक 10.190 किमी. फोरलेन पर 188 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। जो मुरादाबाद और बरेली से आने वाले वाहनों को जीरो प्वांइट इंटरचेंज से नैनीताल हाईवे को जोड़ेगा। जो इसी साल नवंबर में चालू हो जाएगा। वहीं मुरादाबाद-बरेली हाईवे स्थित सिहोरा बाजे पंजाब-हरियाणा ढाबे से कोयला के लिए 13.7 किमी. फोरलेन पर 240 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जो मुरादाबाद-बरेली से आने वाले वाहनों को शहजादनगर इंटरचेंज से कोयला नैनीताल हाईवे को जोड़ेगा। इसके चालू होने के बाद उत्तराखंड जाने वाले वाहनों को शहर से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। अभी तक मुरादाबाद-बरेली हाईवे से नैनीताल रोड होते हुए वाहन निकलते हैं। ऐसे में गर्मियों की छुट्टियों में उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या के साथ शहर में वाहनों का दबाव कम होगा। अधिकारियों के अनुसार दोनों फोरलेन 2025 की शुरुआत में शुरू होने थे, लेकिन बरसात के मौसम में कोसी नदी में बाढ़ आने के कारण कार्य बाधित रहा, इसके चलते लक्ष्य का समय भी बढ़ा दिया गया था। जिसके बाद हाईवे स्थित सिहोरा बाजे पंजाब-हरियाणा ढाबे से कोयला तक फोरलेन मार्ग 31 मार्च 2026 तक पूर्ण होने का समय दिया गया है।
जीरो प्वाइंट पर 98 प्रतिशत काम हो चुका पूरा
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि जीरो प्वाइंट से दुर्गनगला फोरलेन मार्ग का करीब 98 प्रतिशत निर्माण पूर्ण हो गया है, जो जल्द चालू होने वाला है। वहीं हाईवे स्थित सिहोरा बाजे पंजाब-हरियाणा ढाबे से कोयला तक फोरलेन मार्ग का 55 से 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जो 31 मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा।
दो स्थानों पर अंडरपास का भी कराया जा रहा निर्माण
10.190 किमी. के बाईपास चौड़ीकरण के चलते आगापुर और पसियापुरा के बीच अंडरपास का भी निर्माण कराया जा रहा है। अंडरपास के जरिये आगापुर व पसियापुरा के लोग एक से दूसरे तरफ आवागमन कर सकेंगे। इससे यहां के लोगों को लंबी दूरी से राहत मिलेगी। जबकि दो इंटरचेज भी बन रहे हैं।
बाईपास के फोरलेन व इंटरचेंज के निर्माण का काम अंतिम दौर में है। जीरो प्वाइंट से दुर्गनगला तक 10.190 किमी. मार्ग नवंबर माह में चालू हो जाएगा। जबकि पंजाब-हरियाणा ढाबा से कोयला तक 13.70 किमी मार्ग 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। - गुरविंदर सिंह, सहायक अभियंता, एनएचएआई।
चौड़ीकरण और फ्लाईओवर के ये होंगे फायदे:
- जीरो प्वाइंट से दुर्गनगला तक पर होने वाले हादसों में कमी आएगी
- चौड़ीकरण से दोनों ओर वाहन आसानी से आ जा सकेंगे
- जाम की समस्या से मिलेगी निजात
- शहर से मुरादाबाद जाने वाले वाहन भी जाम में नहीं फंसेंगे
- मुरादाबाद और बरेली की ओर से आने वाले वाहनों का दबाव रामपुर शहर में नहीं पड़ेगा
