तीन मंजिला अवैध गोदाम में पटाखे से लगी आग, 18 लड़कियों का किया रेस्क्यू, छज्जा गिरने से पांच दमकलकर्मी घायल

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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बिना एनओसी के रिहायसी इलाके की तंग गलियों में चल रहा था गोदाम

लखनऊ, अमृत विचार: अलीगंज सेक्टर-के स्थित उस्मानपुर में तीन मंजिला अवैध फोटो फ्रेम गोदाम में शुक्रवार को पटाखे की चिंगारी से लगी आग ने भीषण रूप ले लिया। गोदाम में फंसे पांच कर्मचारियों में एक मामूली रूप से झुलस गया, अन्य चारों को सुरक्षित निकाल लिया गया। पड़ोस के होस्टल तक आग पहुंचने से 18 से अधिक छात्रा भी फंस गईं। कुछ छात्राओं ने खिड़कियों और दीवार से कूदकर खुद को बचाया, जबकि कुछ को दमकल टीम ने बाहर निकाला। सुरक्षा के दृष्टिगत दमकल विभाग और पुलिस ने आसपास बस्ती खाली करा ली और घरों से रसोई गैस सिलिंडर भी निकाल लिए। आग पर काबू करने के दौरान छज्जा गिरने से पांच दमकलकर्मी घायल हो गए, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 15 दमकल की गाड़ियों ने करीब पांच घंटे बाद आग पर काबू पाया। देर रात तक दमकल कर्मी घटनास्थल पर मौजूद रहे। पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर भी घटना स्थल पर पहुंच गए थे।

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उस्मानपुर गांव के रिहायसी इलाके की तंग गलियों में व्यवसायी अमर जीत सिंह का फोटो फ्रेम का तीन मंजिला गोदाम है। उसमें लकड़ी की फंटियां, पटरे और प्लास्टिक के पाइप भरे थे। मोहल्लेवालों ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे किसी ने पटाखा दबा दिया। जलता पटाखा छटक कर गोदाम में जा गिरा। इससे आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। लपटें उठाने पर लोगों ने पानी फेंककर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। बेकाबू होते देख दमकल को सूचना दी।

कुछ ही देर में इंदिरानगर, हजरतगंज फायर स्टेशन से चार गाड़ियां लेकर दमकल कर्मी पहुंचे। एसीपी अलीगंज ऋषभ यादव, सीएफओ अंकुश मित्तल, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार भी आ गए। तंग गलियों में गोदाम होने के कारण गाड़ी अंदर तक नहीं पहुंच सकी। हौज पाइप बिछाकर दमकल कर्मी गाेदाम पर पहुंचे और आग पर काबू करना शुरू किया। स्थिति न संभलने पर बीकेटी, चौक, सरोजनीनगर से समेत एक दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियों को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने चारों तरफ से आग पर काबू करना शुरू किया।

पड़ोस स्थित तीन मंजिला हॉस्टल की छत पर से भी पानी डालना शुरू किया, लेकिन तब तक आग और फैल चुकी थी। करीब 8:30 बजे हाॅस्टल के तीसरे तल का छज्जा ढह गया। मलबा की चपेट में आकर फायरमैन अशोक कुमार, रजनीश, सुनील कुमार, महेंद्र कुमार बिंद, गंगामणि सिंह घायल हो गए। सभी को मलबे से निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। करीब 9 बजे दूसरी बार और दो मिनट बाद तीसरी बार छज्जा गिरा।

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सीएफओ अंकुश मित्तल ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत हाॅस्टल, गोदाम के आस पास रह रहे अमर तिवारी, धीरज, मनोज, रवि, वैभव के अलावा मोहल्ले में रहने वाले सभी लोगों से मकान से बाहर आने की अपील की। इसके बाद लोग अपने घरों से सिलेंडर निकालकर सड़क पर आ गए।

एक किलोमीटर दूर से दिख रहा था धुएं का गुबार

आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल से करीब एक किलाेमीटर की दूरी पर काले धुएं का गुबार दिख रहा था। लोग गुबार देखकर कर आग की विकरालता का अंदाजा लगा रहे थे। हर कोई घटनास्थल की तरफ जा रहा था। पुलिस लोगों को घटनास्थल से दूर करने का प्रयास कर रही थी, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में दमकल के आवागमन में कोई परेशानी न हो।

मानक के विपरीत चल रहा था हॉस्टल और गोदाम

नियमत: हॉस्टल और गोदाम में आग से बचाव के सभी उपकरण होने चाहिए। साथ ही सेटबैक की व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं मिला। दोनों ही जगह मानक के विपरीत निर्माण कराया गया था। हॉस्टल में इंट्री और एक्जिट का एक ही द्वार था। हॉस्टल किसी रवि नाम के शख्स का बताया जा रहा है। गोदाम की स्थिति भी वही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाॅस्टल की भी अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है, न ही वहां पर अग्नि सुरक्षा के उपकरण हैं।

निकाले गए सिलेंडर, हॉस्टल का एक कमरा राख

सीएफओ ने बताया कि आग और फैलने की आशंका को देखते हुए मकान के पास बने गर्ल्स हॉस्टल को खाली कराया गया। इस दौरान हॉस्टल में रखे सिलेंडर भी हटवाए गए। वहां पर 15 छात्राएं व कर्मचारी मौजूद थे। गोदाम से जब आग फैली तो हॉस्टल का भी एक कमरा चपेट में आ गया था। जिसमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। चूंकि हॉस्टल पहले ही खाली करवा लिया गया था लिहाजा कोई जनहानि नहीं हुई।

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धमाकों और लपटों को देख सहम उठे लोग

भीषण आग से अंदर ताबड़तोड़ धमाके होने लगे। धमक इतनी तेज थी कि लोग सिहर उठे। आसपड़ोस के घरों की खिड़कियों में लगे शीशे चटक गए। मोहल्ले में रहने वाले वैभव मिश्रा ने बताया कि आग लगने की सूचना उन्होंने दमकल को दी थी। दमकल कर्मी समय रहते मौके पर आ भी गए थे। रास्ता काफी संकरा होने के चलते दमकल गाड़ी अंदर नहीं पहुंच पा रही थी।

दमकलकर्मियों की हालत सामान्य

जेसीपी कानून एवं व्यवस्था बब्लू कुमार ने बताया कि आशंका है कि गोदाम में आग शॉर्ट सर्किट से लगी है। मामले की जांच की जाएगी। सीएफओ अंकुश मित्तल ने बताया कि घायल दमकल कर्मियों का इलाज जारी है किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। सभी की हालत सामान्य है। गोदाम में काफी मात्रा में प्लास्टिक व फोटो फ्रेम रखे थे। इस के चलते आग विकराल हुई।

दमघोंटू धुएं देख बीए सेट लगाकर शुरू की फायर फाइटिंग

गोदाम में रखे लकड़ी के फ्रेम और प्लास्टिक के पाइप व अन्य सामान के कारण आग्निकांड के दौरान दमघोंटू धुआं चारों ओर फैल गया था। धुएं और आग की तपिश के कारण दमकल कर्मी दूर से फायर फाइटिंग कर रहे थे। आग की लपटें जब कम पड़ी तो दमकल कर्मी आगे बढ़े, लेकिन दमघोंटू धुएं के कारण उनकी सांस फूलने लगी। इसके बाद बीए सेट (ब्रीदिंग आपरेटस) पहनकर और आक्सीजन सिलेंडर लेकर अंदर दाखिल हुए।

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