तदर्थ कर्मचारियों को पेंशन और भत्ते देने के मामले में जांच के आदेश, KGMU में नियम विरुद्ध पेंशन भत्ता देने का मामला
लखनऊ, अमृत विचार : केजीएमयू कुलपति कार्यालय में तैनात रहे कर्मचारियों को नियम विरुद्ध पेंशन व भत्ते देने के आरोपों की जांच होगी। पूर्व भाजपा विधायक की शिकायत पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ने शासन स्तर से टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।
अयोध्या मिल्कीपुर से पूर्व भाजपा विधायक गोरखनाथ बाबा ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है। जिसमें आरोप लगाए हैं कि केजीएमयू में कई तदर्थ कर्मचारियों को नियमों से इतर रिटायरमेंट के बाद पेंशन व भत्तों का लाभ दिया गया है। जबकि तदर्थ कर्मचारियों को पहले विनियमित करने का नियम है। उसके बाद ही उन्हें पेंशन आदि का लाभ दिया जा सकता है। पूर्व विधायक ने पत्र में लिखा है कि एक रिटायर कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में कूटरचना भी की गई है।
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने शिकायतों का संज्ञान लिया है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में शासन स्तर से टीम गठित कर जांच कराई जाए। जांच के आधार पर विधि सम्मत कार्यवाही कर अवगत कराया जाए। पत्र में यह भी लिखा है कि यह पत्र मुख्यमंत्री से मिलकर दिया गया है।
विधायक व सांसदों की शिकायतों की अनदेखी
भाजपा के पूर्व विधायक ही नहीं बल्कि प्रतापगढ़ के पूर्व सांसद कुंवर अक्षय प्रताप सिंह, सुलतानपुर अमेठी से विधान परिषद के सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह, सुलतानपुर लंभुआ से भाजपा विधायक सीताराम वर्मा, राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी समेत अन्य पूर्व विधायक व सांसदों ने शिकायतें की। इसके बावजूद केजीएमयू प्रशासन ने अब तक मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की है। शिकायतों की अनदेखी की जा रही है।
