लोक सेवा आयोग ने 315 और विशेषज्ञों को गोपनीय कार्यों से किया अलग, जानें क्यों लिया इतना बड़ा फैसला
आयोग बीते चार सालों में गुणवत्ता न देने वाले 450 विशेषज्ञों को कार्य से कर चुका है विरत
लखनऊ, अमृत विचार : उप्र. लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने चयन प्रक्रिया से जुड़े गोपनीय कार्यों की गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए सख्त रुख अपनाया है। इसके लिए आयोग ने नियमित समीक्षा के दौरान पिछले चार वर्षों में कार्य की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबन्धित लगभग 450 विशेषज्ञों को आयोग के उक्त कार्य से हमेशा के लिए मुक्त कर दिया गया है।
यह जानकारी आयोग के परीक्षा नियंत्रक हर्षदेव पाण्डेय ने शुक्रवार को दी, उन्होंने बताया कि गोपनीय कार्यों के गुणवत्तापूर्ण प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जाती है, उक्त क्रम में हाल ही में विभिन्न विषयों के 315 विशेषज्ञों को पुन: सत्यनिष्ठा, गुणधर्मिता और आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य न करने पर गोपनीय कार्यों से हटाया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग ने विशेषज्ञों के कार्य की गुणवत्ता की निरंतर समीक्षा के लिए संस्थागत व्यवस्था विकसित की है। आयोग चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि लापरवाही बरतने वाले विशेषज्ञों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ ही, लोक सेवा आयोग अन्य राज्य आयोगों और संबंधित संस्थाओं को पत्र लिखा जाता है।उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया को और अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए देश के लब्ध-प्रतिष्ठित विशेषज्ञों को पैनल में शामिल किया गया है।
