पीलीभीत: मरीज की मौत के बाद निजी अस्पताल में उत्पात और अभद्रता...200 लोगों पर FIR
पीलीभीत, अमृत विचार। महिला की मौत के बाद निजी अस्पताल में हुए हंगामे के दौरान चिकित्सक व अन्य स्टाफ से अभद्रता को लेकर मामला तूल पकड़ रहा है। निजी अस्पताल में भीड़ द्वारा किए गए उत्पात पर आईएमए से जुड़े चिकित्सकों में नाराजगी है। आईएमए के प्रतिनिधि मंडल ने अध्यक्ष की मौजूदगी में एसपी से मुलाकात की। जिसके बाद सुनगढ़ी पुलिस ने 200 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है।
गांधी स्टेडियम रोड पर स्थित श्रीराम अवध अस्पताल के डॉ.जेएन मिश्रा ने एसपी को दिए शिकायत पत्र में बताया कि 19 अक्टूबर को दोपहर बाद ओपीडी में धनकुनी गांव की रहने वाली शकुंतला देवी पत्नी सर्वेश गंगवार को दिखाया गया था। मरीज ने बताया था कि बुखार, कमजोरी और शरीर में सूजन आठ-दस दिन से आ रही है। चेकअप में मरीज को एनीमिया और जनरल एनासारिका (खून कीकमी व सूजन) पाई गई। मरीज भर्ती करने की सलाह दी गई थी लेकिन परिवार वालों ने दिवाली पर्व की बात कहकर सिर्फ दवा व जांच कराने की बात कह दी।
भर्ती कराने से इन्कार कर दिया गया। जांच कराने के लिए लिख दिया गया। डेंगू की भी जांच कराई गई थी। जांच कराने के बाद खून में हीमोग्लोबिन 7.5 ग्राम व एल्वोमिन की मात्रा 2.66 ग्राम पाई गई थी। मरीज के साथ वालों ने हूमन एल्वोमिन लाकर लगवाने की बात कही थी और साढ़े तीन बजे मरीज को प्राइवेट कमरा नंबर तीन में लिटाकर हूमन एल्वोमिन लगाया गया था। साढ़े छह बजे तक मरीज की तबीयत बिल्कुल ठीक चल रही थी। एल्वोमिन की बोतल सात बजे खत्म हो गई थी और दस मिनट बाद मरीज लघुशंका को गया।
वहां से आने पर मरीज को बेचैनी और रायगर की शिकायत बताई गई। इस पर चेकअप के बाद हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। जिद करके परिवार के सदस्य मरीज को अपनी गाड़ी में लेकर चले गए। करीब आधे घंटे बाद कुछ लोग वापस गेट पर आ गए और मरीज की मौत होने की बात कहकर बहस करने लगे। उसी वक्त पोस्टमार्टम कराने का सुझाव दिया गया। भीड़ भड़की और प्रबंधक इश्तियाक अहमद, अवधेश कुमार, उमाशंकर समेत अन्य स्टाफ से अभद्रता की। स्टाफ ने उन्हें ऊपर आवास पर भेज दिया। ऑपरेशन थिएटर से आए उनके पुत्र डॉ.मनीष मिश्रा से हाथापाई शुरू कर दी गई।
परिवार के बच्चे भी हंगामे को देख सहम गए। यूपी 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई। सीएमओ, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ और कोतवाल भी आ गए थे। करीब 200 लोग अस्पताल में हंगामा करते रहे। गाली गलौज करते हुए अस्पताल में चल रहे अन्य मरीजों के इलाज को भी बाधित करके रखा। रात ढाई बजे के बाद अस्पताल में काम चालू हो सका था। इसे लेकर कार्रवाई की मांग की गई है। मुलाकात करने वालों में आईएमए अध्यक्ष डॉ.भरत सेठी, सचिव डॉ.राकेश गुप्ता, डॉ.एसके अग्रवाल, डॉ.महेश चंद्रा, डॉ.केएन तिवारी, डॉ.संजीव अग्रवाल, डॉ.मनीष मिश्रा, डॉ.आकांक्षा मिश्रा, डॉ.नीरज गुप्ता, डॉ.भगवान दास, डॉ.जेडी गंगवार, डॉ.तरुण सेठी, डॉ.सतीश गंगवार आदि थे।
चिकित्सक दंपति ने भी दी तहरीर
डॉ.जेएन मिश्रा के अलावा उनके पुत्र डॉ.मनीष मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ.आकांक्षा मिश्रा ने भी अपनी तरफ से एसपी को शिकायत पत्र दिया है। जिसमें उन्होंने अस्पताल में हुए हंगामे का जिक्र करते हुए अभद्रता व दहशत का माहौल बनाने का आरोप लगाया है। इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। हालांकि एसपी ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
