अयोध्या : राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम में अतिथियों की सेवा में लगेंगे 5000 कार्यकर्ता, 19 नंवबर को पहुंचेंगे VHP कार्यकर्ता

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Edited By Amrit Vichar
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कारसेवकपुरम व तीर्थ क्षेत्र पुरम में ठहरने व भोजन के रहेंगे विशेष इंतजाम

अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने वाले अतिथि की सेवा के लिए विश्व हिंदू परिषद के पांच हजार कार्यकर्ताओं को उतारने की तैयारी है। यह सभी कार्यकर्ता 19 नवंबर तक अयोध्या पहुंच जाएंगे, जिन्हें अलग-अलग स्थान पर टोलियां में जिम्मेदारी दी जाएगी। ये आने वाले अतिथियों को उनके निवास स्थान तक पहुंचाने भोजन की सुविधा प्रदान कराने सहित अन्य व्यवस्थाओं में अपनी सेवा देंगे।

अतिथियों के लिए कारसेवकपुरम व तीर्थ क्षेत्र पुरम सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर रुकने और विशेष भोजन उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। धार्मिक समिति के सदस्य गोपाल जी राव ने बताया कि कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों की सेवा के लिए कार्यकर्ताओं को लगाया जाएगा, जिनकी संख्या लगभग 5000 होगी। इन सभी कार्यकर्ताओं को उनके कार्य स्थल के पास ही रहने की व्यवस्था बनाई जा रही है।

राम जन्मभूमि मंदिर में 21 नवंबर से ध्वजारोहण अनुष्ठान प्रारंभ हो जाएगा और 25 नवंबर को विवाह पंचमी तिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा अनुष्ठान में पूर्ण आहुति देने के बाद मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया जाएगा। इस दौरान उनके साथ सर संघचालक मोहन भागवत भी मौजूद रहेंगे।

वहीं दूसरी और मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य भी अब अंतिम चरण में हैं। अक्टूबर के अंत तक सभी कार्यों को पूरा करने के लिए मंदिर निर्माण समिति ने निर्देश दिया है। आयोजन में पूरे मंदिर परिसर के विकास कार्यों का भी लोकार्पण किया जाएगा, जिसमें मंदिर के 800 मीटर की परिधि में बने परकोटा के कॉरिडोर, सप्त ऋषि मुनियों के मंदिर, मंदिर के बगल श्रद्धालुओं के लिए बनाया गया शूज सेंटर, 40 एकड़ परिसर में विकसित किए गए हरियाली, 10 एकड़ में बने पंचवटी उद्यान, पंप हउस, बिजली के लिए सब स्टेशन समेत अन्य योजना को तैयार किया गया है।

इस पूरे आयोजन में लगभग 10 हजार अतिथि बुलाए जाएंगे, जिन्हें निमंत्रित भी किया जा रहा है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी के मुताबिक पांच दिन तक पूजा विधान चलेगा, जिसमें भगवान श्रीरामलला और राजा राम परिवार के साथ विराजमान हुए हैं। इसके साथ परकोटा में पंचायतन पद्धति के अनुसार भगवान गणेश, भगवान शिव, मां भगवती, माता अन्नपूर्णा, हनुमान जी और सूर्य देव के भी मंदिर स्थापित हैं। इन मंदिरों के शिखर पर भी ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न होगा। इन सभी देवी देवताओं के पूजन और हवन का क्रम भी पांच दिन तक चलता रहेगा।

ध्वज निर्माण पर ट्रस्ट ने विशेषज्ञों के साथ किया मंथन
राम मंदिर के शिखर निर्माण की एजेंसी एलएंडटी ध्वज को सरलता से चढ़ने और उतारने का पूर्वाभ्यास कर रही है। शुक्रवार को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की मौजूदगी में ध्वजारोहण के दौरान ध्वज के कपड़े की गुणवत्ता के साथ आंधी और तूफान में भी कोई नुकसान न हो इसके लिए विशेषज्ञों की टीम के साथ मंथन किया। ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा ने बताया कि ध्वज की डिजाइन को तैयार करने वाले एजेंसी की ओर से परीक्षण का कार्य संपन्न कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट 28 अक्टूबर को मंदिर निर्माण समिति की बैठक में रखी जाएगी।

आमंत्रित अतिथियों को मिलेगा प्रवेश पास
राम मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के द्वारा अलग-अलग स्थान पर गेस्ट हाउस, होम स्टे के लगभग दो हजार कमरों को आरक्षित कर लिया गया है। इसके अलावा तीर्थ क्षेत्र पुरम में टेंट सिटी को भी स्थापित किया जाएगा। ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने बताया कि आमंत्रित अतिथियों से संपर्क कर मोबाइल नंबर और आधार नंबर एकत्रित किए जा रहे हैं, जिसके आधार पर ही आमंत्रण पत्र और पास जारी कर उनके मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।

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