'रामकी' को राम-राम कहने की तैयारी, सफाई में लापरवाही से नाराज पार्षद... कंपनी को हटाने की कर रहे मांग
लखनऊ, अमृत विचार: नगर निगम के पांच जोन में कूड़ा प्रबंधन का काम देख रही रामकी (लखनऊ स्वच्छता अभियान) कंपनी की लापरवाही से महापौर सुषमा खर्कवाल और पार्षदों नाराज हैं। सफाई में लापरवाही पर पार्षद कंपनी को हटाने की मांग करने लगे हैं। कंपनी ने पड़ाव घरों से कूड़ा उठान में सुधार नहीं किया तो उसे राम-राम कहने की तैयारी कर ली गई है।
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रामकी कंपनी लखनऊ स्वच्छता अभियान के नाम से जोन 1, 3, 4, 6 और जोन 7 में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और पड़ाव घरों से कूड़ा शिवरी प्लांट तक पहुंचाने का काम कर रही है। पार्षदों का आरोप है कि कंपनी घरों और डम्पिंग यार्डों से कूड़ा नहीं उठा पा रही है। इसे लेकर नगर निगम सदन की बैठक में भी पार्षद कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। महात्मा गांधी-विक्रमादित्य वार्ड से पार्षद अमित चौधरी ने तो नगर आयुक्त को पत्र लिखकर कंपनी के साथ हुए अनुबंध पर उनके हस्ताक्षर को निरस्त माने जाने की बात तक लिख दी है।
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आंतरिक सड़कों की सफाई का काम देने का विरोध
नगर निगम ने कंपनी को मुख्य मार्गों के साथ अब आंतरिक सड़कों की सफाई का काम भी दे दिया है। पार्षद इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कंपनी जब मुख्य मार्गों की सफाई और कूड़ा कलेक्शन सही से नहीं कर पा रही है तो आंतरिक सड़कों की सफाई कैसे करेगी। अभी तक आंतरिक गलियों की सफाई का काम कार्यदाई संस्थाओं के माध्यम से सफाई कर्मचारियों द्वारा की जाती थी। कंपनी को सफाई का पूरा काम दिये जाने से पार्षदों का सफाई में हस्तक्षेप बंद हो जाएगा। पार्षद अब यह आरोप लगा रहे हैं कि कंपनी सफाई और कूड़ा उठान सही से नहीं कर रही है। भाजपा के ही कई पार्षद कंपनी को हटाने की मांग कर रहे हैं।
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कंपनी मुख्य मार्गों की सफाई और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम ही सही से नहीं कर पा रही है। कंपनी को आंतरिक मार्गों की सफाई का काम दिया जाना गलत है। शहर की सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। जगह-जगह सड़क पर ही कूड़ा पड़ा रहता है।
अमित चौधरी, पार्षद
