हाइब्रिड वाहन : छूट खत्म होने का बिक्री पर नहीं पड़ेगा असर, इलेक्ट्रिक बैटरी और पेट्रोल दोनों से चलते हैं
बरेली, अमृत विचार। प्रदेश सरकार के हाइब्रिड वाहनों पर छूट समाप्त करने के फैसले के बाद इन वाहनों की बिक्री प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। जिले के वाहन डीलरों का मानना है कि इस फैसले से बिक्री पर कुछ खास असर नहीं पड़ेगा क्योंकि हाइब्रिड वाहनों ने बाजार में अपनी एक मजबूत पकड़ बना ली है। जिले में इस साल इन वाहनों की मांग बढ़ी है।
परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिले में वर्ष 2023 से 25 नवबंर तक 460 हाइब्रिड वाहन पंजीकृत हुए हैं। इनमें 57 हाइब्रिड वाहनों के पंजीकरण इस साल हुए हैं। हाइब्रिड कारों को खरीदने पर सरकार खासी रियायत दे रही थी। रोड टैक्स फ्री था, साथ ही खरीद पर एक लाख रुपये तक की छूट थी। प्रदेश सरकार ने 14 अक्तूबर से हाईब्रिड वाहनों की छूट समाप्त कर दी है। इससे आशंका बनी है कि अब इन वाहनों की खरीद गिरेगी। हांलाकि, इन वाहनों के डीलरों का अनुमान इस आशंका के विपरीत है।
हाइब्रिड वाहन के डीलर सचिन बताते हैं कि इन वाहनों की खासियत ने इनकी मांग बना रखी है। ये वाहन इलेक्ट्रिक बैटरी और पेट्रोल दोनों से चलते हैं, जिससे ये न सिर्फ ईंधन की बचत करते हैं, बल्कि प्रदूषण भी कम करते हैं। इसके अलावा हाइब्रिड वाहनों की बैटरी चलते समय खुद ही चार्ज होती रहती है, जिससे इनकी रखरखाव लागत भी कम होती है। छूट समाप्त होने के बाद भी ग्राहकों को ये वाहन काफी पसंद आ रहे हैं। इसके दो मुख्य कारण हैं।
इनमें एक यह कि हाइब्रिड कार एक निश्चित गति सीमा तक तो बैटरी पर चलती है, इसके बाद यह ईंधन पर चलती है। दूसरा यह कि इससे भीड़-भाड़ वाले शहरों में रहने वाले लोगों को खासी सहूलियत हो रही है। महानगर में भी इन गाड़ियों का खासी मांग है। हाल ही में धनतेरस पर हाइब्रिड कार खरीदने वाले रामपुर गार्डन के डा. अजनी कहते हैं कि चार्जिंग की सुविधा की चिंता से मुक्ति और शहर के अंदर किफायती होने के कारण वाहन को प्राथमिकता दी है। एआरटीओ प्रशासन डा. पीके सरोज ने बताया कि जिले में महज 460 हाइब्रिड वाहन पंजीकृत हैं। छूट खत्म होने के बाद इन पर पंजीकरण शुल्क सामान्य वाहनों की तरह ही लगेगा।
