छठ महापर्व 2025 : घाट पर छठ व्रतियों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, गोमती मैया को दुग्ध अर्पित कर किया नमन

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। सूर्य उपासना और लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर पूरे देश में भक्ति और श्रद्धा का माहौल है। इस पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के लक्ष्मण मेला पार्क स्थित छठ घाट पर पहुचकर स्वयं इस महापर्व में शिरकत की।

सीएम योगी ने न केवल गोमती नदी के तट पर गोमती मैया की भव्य आरती कर पूजा-अर्चना की, बल्कि उन्होंने छठ व्रतियों का मान बढ़ाते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। उनका यह कदम लोक पर्वों के प्रति सरकार के सम्मान और जन भावनाओं से गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

गोमती मैया को दुग्ध अर्पित कर किया नमन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम के अर्घ्य के महत्वपूर्ण समय से पहले लक्ष्मण मेला पार्क स्थित छठ घाट पर पहुंचे। घाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं और छठ व्रतियों की अटूट श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण देखते ही बन रहा था। मुख्यमंत्री योगी ने गोमती नदी के तट पर जाकर छठी मैया और सूर्य देव को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए गोमती मैया की आरती की, दीप प्रज्वलित किए और पवित्र दुग्ध अर्पित कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने स्वयं नदी में दुग्ध प्रवाहित करके प्रकृति और जल स्रोतों के संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें सिखाता है कि हमें जीवनदायिनी नदियों और प्रकृति के हर स्वरूप का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि इन सब के प्रति आभार व्यक्त करना ही भारतीय संस्कृति की मूल पहचान है।

पूजा-अर्चना संपन्न करने के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छठ घाट पर की गई सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से यह निर्देश दिए कि घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो, नदी में जलस्तर नियंत्रित रहे और महिला व्रतियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतज़ाम किए जाए।

सीएम ने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या चूक नहीं होनी चाहिए और श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सभी ज़रूरी व्यवस्थाए 24 घंटे उपलब्ध रहें। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई छठ व्रतियों और उनके परिवारों से सीधे बातचीत की, उनका कुशलक्षेम पूछा और उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं।


पर्व और त्यौहार भारत की प्राचीन विरासत के प्रतीक : योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को यहां कहा कि पर्व और त्योहार केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन विरासत के प्रतीक भी हैं। लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान स्थित गोमती नदी के तट पर छठ पूजा के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, “पर्व और त्योहार केवल एक आयोजन नहीं है...ये हमारी सामाजिक एकता, आध्यात्मिक उन्नयन, भारत की प्राचीन विरासत के प्रतीक भी हैं।”

अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के अध्यक्ष प्रभुनाथ राय द्वारा आयोजित इस समारोह में गोमती तट पर उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजपुरी समाज आज देश और दुनिया के हर कोने में छठ पर्व की आस्था से जुड़ा है। उन्होंने कहा, “यह पर्व आत्मशुद्धि और लोक-कल्याण का प्रतीक होने के साथ ही सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश भी देता है।”

आदित्यनाथ ने छठी माता की कृपा आमजन पर बने रहने की कामना करते हुए कहा कि दुनिया में ऐसे आयोजनों के उदाहरण मिलना मुश्किल है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और लखनऊ की महापौर सुषमा खरकवाल भी उपस्थित थीं।  

छठी मईया की पूजा में बहुत ताकत

गोमती तट पर स्थित लक्ष्मण मेला मैदान में व्रती महिलाओं ने अमृत विचार के साथ छठ पर्व की महिमा को लेकर बातचीत की है, जिसकी शुरूआत छठी मईया पूरन कीजौ असरा हमार... गीत के साथ हुई। व्रती महिलाओं ने कहा कि छठ पूजा के साथ हमारी भवनायें जुड़ी हैं। साल में ऐसा मौका हमे केवल एक बार मिलता है। इसकी तैयारी हमलोग तीन महिने पहले से शुरू कर देते हैं। व्रत कठिन होने के बाद भी कोई दिक्कत नहीं होती है। क्योंकि छठी मईया की पूजा में बहुत ताकत है, श्रद्धा से कुछ भी करिये सब पूरा होता है।

व्रती महिलाओं ने बताया कि छठ माता की सवारी बिल्ली है। छठ मईया की पूजा के समय कई नियमों का पालन करना होता है। पूजा के लिए तैयार की गई डलिया में करीब सात तरह के फल रखने की प्रथा है। साथ ही सूप और गन्ने को भी रखा जाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई छठी मईया की पूजा से परिवार की सुख समृद्धि बढ़ती है।

 

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