बदायूं : रुपये ऐठने और बदनाम करने के लिए किया गया था युवक का अपहरण, पांच गिरफ्तार
बदायूं, अमृत विचार। एक युवक का अपहरण करके फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने युवक को मुंबई से बरामद कर लिया था। एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह के निर्देश पर एसपी सिटी विजयेंद्र द्विवेदी, सीओ दातागंज केके तिवारी के पर्यवेक्षण में अपहरण करने वालों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया था। टीम ने अपहरण करने के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी को जेल भेजा गया है। एसएसपी ने प्रेस वार्ता करके एसपी सीटी विजयेंद्र द्विवेदी, देहात डॉ. ह्रदेश कठेरिया के साथ खुलासा की जानकारी दी।
कस्बा ककराला के वार्ड 21 निवासी मुनीर उर्फ छोटा पुत्र तस्वीर अहमद का 22 अक्टूबर को अपहरण हो गया था। अपह्रणकर्ताओं ने फिरौती की मांग की थी। अलापुर पुलिस ने सर्विलांस की मदद से अपहर्त के मोबाइल की लोकेशन पता की तो वह मुंबई की निकली। पुलिस ने 24 अक्टूबर को अपहर्त को मुंबई सेंट्रल स्टेशन से सकुशल बरामद करके फ्लाइट से वापस लाया गया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया। एक टीम आरोपियों की तलाश में लगी रही।
सर्विलांस के साक्ष्य के आधार पर जांच में अलापुर क्षेत्र के गांव उरौलिया निवासी जुनैद पुत्र मुन्ने खां और निगार आलम पुत्र अमजद, मोहम्मदगंज निवासी इब्ने अली उर्फ शाहरुख पुत्र नामे अली, अलीगढ़ के थाना बन्नादेवी क्षेत्र के मोहल्ला वीवी सराय व हाल पता महाराष्ट्र के एपी सौरिन बिल्डिंग निवासी कैश मोहम्मद पुत्र मुकीम, महाराष्ट्र के थाना डीबी मार्ग के डॉ. पुरन्द्रे मार्ग निवासी पुष्पक म्हात्रे पुत्र संतोष म्हात्रे के नाम सामने आए। पुलिस ने उनके संभावित स्थानों पर दबिश दी। पुलिस ने सोमवार को अलापुर से बदायूं जाने वाले मार्ग स्थित ईंट भट्ठे के आगे ककराला ओर अमरूद के बाद से सभी को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक लग्जरी कार, मोबाइल, एक तमंचा व एक कारतूस बरामद हुआ।
पूछताछ में मुख्य आरोपी जुनैद ने बताया कि वह कई साल से मुंबई में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। उसने अपने सगे मामा शमशाद से रुपये ऐठने और उनका बदनाम करने के लिए अपहरण की योजना बनाई थी। अपने साथी शाहरूख, कैश मोहम्मद, पुष्पक, निगार आलम के साथ कार एमएच 02 ईयू 5202 से अलापुर आए। 22 अक्टूबर शाम 5 बजे लकड़ी के बहाने गांव बेहटा डंबर के खेतों में बुलाया। शमशाद लकड़ी खरीदने का काम करता है जिसके चलते उसने अपने सहयोगी मुनीर को खेत पर लकड़ी देखने के लिए भेजा था। मुनीर के खेत पर पहुंचते ही जुनैद और उसके साथियों ने उसका अपहरण कर लिया और गाड़ी से मुंबई लेकर चले गए थे।
फिर शमशाद से रुपयों की मांग की। मुनीर के घर भी फोन करके रुपये मांगे। पुलिस की लगातार दबिश की वजह से वह लोग मुंबई में छिपे रहे। मुंबई में भी पुलिस के पीछे पड़ने के चलते वह मुनीर को मुंबई सेंट्रल के पास छोड़कर भाग गए। वह लोग छिपने के लिए मुंबई से अपने रिश्तेदार के घर जा रहे थे कि पुलिस ने पकड़ लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष उदयवीर सिंह, एसओजी प्रभारी माधो सिंह विष्ट, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह आदि रहे।
