Chhath Mahaparva: 36 घंटे का निर्जला उपवास उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ छठ, काशी के घाट पर उमड़ा श्रद्धालुओं 

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
On

वाराणसी। चार दिनों तक चलने वाला छठ महापर्व उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद मंगलवार को सुबह संपन्न हो गया। छठ व्रतियों ने गंगा घाटों पर उगते सूर्य की उपासना की। इसके साथ ही 36 घंटे का निर्जला उपवास भी खत्म हुआ। काशी के अर्धचंद्राकार गंगा घाटों पर आस्थावानों का अद्भुत संगम दिखाई पड़ा।

रात्रि में हुई बारिश के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालु छठी मइया की आराधना को संकल्पित दिखे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए ड्रोन से निगरानी के साथ ही एनडीआरएफ की टीमें लगातार गश्त कर रही थीं। 

भोर में भक्तों को परेशानी न हो, इसके लिए घाटों पर उचित प्रकाश की व्यवस्था की गई थी। पहली बार छठ कर रही मंजू देवी ने बताया कि रात्रि में बारिश होने से घाटों पर कीचड़ हो गया था।

लेकिन सभी ने एक-दूसरे का बखूबी सहयोग किया और छठी मइया के आशीर्वाद से किसी को कोई परेशानी नहीं हुई। अनीता यादव ने बताया कि छठ का व्रत काफी कठिन होता है। काशी का कोई भी घाट ऐसा नहीं बचा था, जहां आस्थावानों की भीड़ न उमड़ी हो। परिवार और देश की मंगल कामना के साथ महापर्व संपन्न हुआ। 

ये भी पढ़े :
दिल्ली में आज आर्टिफिशियल बारिश का पहला परीक्षण: क्लाउड सीडिंग के लिए कानपुर से पहुचेगें विमान 

 

संबंधित समाचार