अयोध्या : राम मंदिर के शिखर पर झंडा फहराने के पूर्वाभ्यास में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी हुए शामिल

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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अयोध्या। अयोध्या में मंगलवार को राम मंदिर के शिखर पर झंडा फहराने के पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) में ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के साथ सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि ट्रस्ट ने झंडा फहराने के सही प्रशिक्षण और अभ्यास के लिए भारतीय सेना से सहयोग मांगा है। मिश्रा ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट की बैठक में झंडा फहराने की तकनीकी चुनौतियों पर चर्चा की गई।

उन्होंने बताया कि राम मंदिर के झंडे का वजन 11 किलोग्राम, झंडे का खंभा 11 फुट ऊंचा और झंडा 22 फुट चौड़ा होगा। मिश्रा ने कहा कि समारोह को बिना किसी त्रुटि के संपन्न कराने के लिए झंडा फहराने का पूर्वाभ्यास लगातार जारी रहेगा।

मिश्रा ने कहा, “सेना के अधिकारियों ने झंडा फहराने की जो जानकारी दी, राम मंदिर ट्रस्ट उन्हें पूरी तरह लागू करेगा।” उन्होंने यह भी कहा, “हम कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे, क्योंकि राम मंदिर का झंडा पूरी दुनिया की नजरों में होगा।”

मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर में झंडा फहराने के कार्यक्रम में लगभग आठ हज़ार लोगों को आमंत्रित किया गया है। इस दौरान आम श्रद्धालु 25 नवंबर को रामलला के दर्शन नहीं कर पाएंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को कहा था कि मंदिर निर्माण से संबंधित सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं।

इससे पहले 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई थी। प्रधानमंत्री 25 नवंबर को अयोध्या आ सकते हैं, जहां ध्वजारोहण समारोह आयोजित होना है।

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री एवं अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 नवंबर को अयोध्या दौरे पर राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे और उसी दिन परिसर में बने अन्य मंदिरों में भी ध्वजारोहण करेंगे। 

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