बाराबंकी : नाना के घर आई युवती ने फंदा लगा दी जान, परिजनों में कोहराम
सिरौलीगौसपुर/बाराबंकी, अमृत विचार। नाना के घर आई एक युवती ने फंदा लगाकर सुसाइड कर ली। फंदे से लटकता शव देख परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम नौबस्ता निवासी वर्तिका सिंह (20) पुत्री अर्जुन मंगलवार को अपने नाना मंशाराम के घर ग्राम सैदनपुर आई थी। बुधवार सुबह वर्तिका के नाना और मां कलावती धान काटने के लिए खेत गए हुए थे। दोपहर में जब वे लौटे, तो वर्तिका का शव बरामदे की छत में लगे छल्ले से लटका मिला। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही सफदरगंज थाना प्रभारी अमर कुमार चौरसिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के अनुसार, वर्तिका के पिता अर्जुन सिंह पिछले छह वर्षों से लापता हैं। परिवार में मां कलावती, दो छोटे भाई सचिन (12), आयुष (10) और एक विवाहित बहन है। सूचना पाकर पूर्व प्रधान राजेश कुमार वर्मा, प्रधान मसूद रियाज और लेखपाल आशुतोष मिश्रा भी मौके पर पहुंचे।
मां कलावती ने बताया कि वह अपने पिता के यहां सैदनपुर में रहती हैं क्योंकि उनकी मां का निधन हो चुका है और उनकी एक बहन मानसिक रूप से कमजोर है। उन्होंने बताया कि वर्तिका मंगलवार को ही नौबस्ता से आई थी। आत्महत्या का कारण सामने नहीं आ सका। थाना प्रभारी अमर कुमार चौरसिया ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या के युवक की ट्रेन से गिरकर मौत
रामसनेहीघाट। अयोध्या जिला के रहने वाला युवक अचानक ट्रेन से गिर गया। जब तक उसे इलाज के लिए ले जाया जाता युवक ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।हादसा दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के बीकापुर गांव के निकट अयोध्या-बाराबंकी रेलखंड पर हुआ।
जानकारी के मुताबिक बुधवार दोपहर 13308 गंगा सतलुज एक्सप्रेस के बीकापुर गांव के पास पहुंचने पर युवक अचानक ट्रेन से गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना ग्रामीणों ने रेलवे कर्मियों को दी, जिसके बाद दरियाबाद पुलिस, 112 पुलिस और चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची।
डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मृतक के पास से आधार कार्ड मिला, जिससे उसकी पहचान नदीम पुत्र शकील अहमद (34) निवासी सहनवां देवकाली, अयोध्या के रूप में हुई।
