नारी कैंसर सुरक्षा अभियान : समय पर डॉक्टर की सलाह कैंसर को दे सकती है मात
बरेली, अमृत विचार। फ्यूचर विश्वविद्यालय में स्तन कैंसर जागरूकता कार्यक्रम में रोहिलखंड कैंसर इंस्टीट्यूट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रारब्ध सिंह ने छात्राओं को बताया कि कैंसर अब लाइलाज नहीं है। इसको समय पर पहचान और इलाज से मात दी जा सकती है, लेकिन महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर नहीं होती हैं जिसके चलते वह जानलेवा बीमारी की चपेट में आती हैं।
डॉ. प्रारब्ध ने छात्राओं को बताया कि कैंसर का नाम सुनते ही लोगों की आंखों के सामने मौत नाचने लगती है, लेकिन अब ऐसा नहीं है। कैंसर का पता अगर शुरुआती स्टेज में लग जाता है तो मरीज के स्वस्थ होने के अवसर काफी बढ़ जाते हैं। बताया कि पहली स्टेज में अगर मरीज के कैंसर ग्रसित होने का पता चलता है तो उसके स्वस्थ होने की संभावना 90 से 95 फीसदी तक होती है, इसलिए समय पर डॉक्टर की सलाह बहुत जरूरी है।
इससे पहले डॉ. प्रारब्ध सिंह और अमृत विचार के सीओओ पार्थो कुनार ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर पंकज कुमार मिश्रा ने अभियान की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने बीते सालों में कई परिचितों को कैंसर की वजह से खोया है, इसलिए कैंसर की जागरूकता बहुत जरूरी है। कार्यक्रम में डॉ. निधि यादव, डॉ. शिवांगी घिल्डियाल और सौम्या सक्सेना का विशेष सहयोग रहा।
सर्जरी, थेरेपी और इलाज से कैंसर को मात
डॉ. प्रारब्ध ने बताया कि दस साल पहले तक अगर कोई मरीज कैंसर ग्रसित होता था तब केवल सर्जरी से इलाज संभव था, लेकिन अब तमाम ऐसी आधुनिक जांचे हैं जिससे कैंसर को मात दी जा रही है। कैंसर विशेषज्ञ अच्छी दवाएं, स्टेम सेल, कीमो, रेडिएशन समेत अन्य आधुनिक तकनीकों से मरीज को इलाज देकर कैंसर को मात दे सकते हैं। कई मरीजों ने कैंसर को मात दी है और अब सामान्य जीवन जी रहे हैं।
इनका रखें विशेष ध्यान
- शराब और धूम्रपान का सेवन न करें।
- पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- सुबह टहलने के साथ ही व्यायाम अवश्य करें।
