Moradabad: सड़कों पर आवारा पशुओं का कब्जा बरकरार, निगम के अफसर खतरे से बने अंजान
मुरादाबाद, अमृत विचार। नगर निगम प्रशासन सड़कों पर घूम रहे छुट्टा पशुओं पर नियंत्रण करने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। कई हादसों के बाद भी निगम के कर्मचारी अधिकारी चेत नहीं रहे हैं। सड़कों पर छुट्टा पशु विचरण करते दिख रहे हैं। उन्हें पकड़ने के लिए गंभीर प्रयास नहीं हो रहे हैं।
महानगर की सड़कों पर खुले में छुट्टा पशुओं गोवंश, सांड़, भैंस, कुत्ता आदि हर जगह दिखते हैं। यही नहीं कई सरकारी कार्यालय परिसरों में यहां तक कलेक्ट्रेट व अन्य जगहों पर भी कई बार सड़क पर यह घूमते रहते हैं। हादसे के बाद भी निगम की ओर से पकड़ने के प्रयास नहीं हो रहे हैं। यह स्थिति तब है जब 26 अक्टूबर को सिविल लाइंस क्षेत्र के चंद्रनगर में सांड़ के हमले से बुजुर्ग खजान सिंह की मौत हो गई थी।
यह हादसा सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुआ था। जिसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लोगों ने देखा। इस मामले को लेकर वर्ल्ड एक्रेडिटेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स के जिला निदेशक संदीप सिंह ने उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग लखनऊ में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। जिसे आयोग ने स्वीकार कर जांच की बात कही है। गुरुवार को भी महानगर के आशियाना, रामगंगा विहार सहित कई अन्य स्थानों पर निराश्रित पशु सड़क पर बेखौफ घूमते है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि पशुओं के डर से बच्चों को बाहर भेजने में डर लगता है कि कहीं कोई हादसा न हो जाए।
रस्म अदायगी को चलता है अभियान
स्थानीय लोगाें का कहना है कि कभी रस्म अदायगी के लिए अभियान चलता है तो फिर दो चार दिन में ठप हो जाता है। हालांकि गोवंश संरक्षण के लिए नगर निगम की ओर से कान्हा गोशाला भी संचालित है। फिर भी सड़कों पर खुले गोवंश घूमते रहते हैं।
