गोंडा : वेतन भुगतान में देरी पर भड़के शिक्षक, बीएसए को सौंपा ज्ञापन
गोंडा, अमृत विचार। परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन भुगतान में हर माह होने वाली देरी को लेकर शिक्षक संघर्ष समिति ने आक्रोश व्यक्त किया है। बृहस्पतिवार को संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात की और वेतन भुगतान में होने वाली देरी के लिए पटल सहायकों को दोषी ठहराया।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी ने स्कूली शिक्षा महानिदेशक को संबोधित ज्ञापन बीएसए को सौंपा और समस्या समाधान की मांग की। शिक्षक संघर्ष समिति ने बीएसए को बताया कि विभाग मे पिछले 10-15 सालों से पटल सहायकों के स्थानांतरण न होने से लगातार मनमानी व्यवस्था चल रही है। जिसके कारण हर महीने जिले के हजारों शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों का वेतन भुगतान, एरियर, बोनस इत्यादि में लेटलतीफी होती है।
आनलाइन प्रक्रिया होने के बावजूद भी हर महीने लेटलतीफी होना मानव सम्पदा पोर्टल एवं ऑनलाइन प्रक्रिया पर सवालिया निशान है। आरोप है कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बावजूद जिले मे परिषदीय शिक्षकों को दीवाली पर बोनस का भुगतान नही किया गया।
जिले में स्थाई वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक के न होने के कारण पटल सहायकों के कार्यों मे मनमानी व्यवस्था और बढ़ गयी है और कार्यालय में रोजाना ताला बंद रहता है। लेखा कार्यालय में कोई भी पटल सहायक उपस्थित नहीं रहता है, फिर भी उन्हें वेतन कैसे मिल रहा है इस पर भी विभाग की छवि धूमिल हो रही है।
जिले मे एडेड स्कूलों में फर्जी नियुक्ति व करोड़ों के घोटाले की जांच एसटीएफ व अन्य के द्वारा की जा रही है जिसमे पटल सहायकों के भी नाम है और जांच मे उपस्थित होने के डर से कार्यालय में भी नहीं उपस्थित होते हैं। इसी कारण कोई लेखाधिकारी स्थाई नहीं मिल पाता जिससे वेतन भी समय से भुगतान नहीं हो रहा है।
संघर्ष समिति ने स्कूली शिक्षा महानिदेशक को संबोधित मांग पत्र जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल तिवारी को देकर समस्या के समाधान की मांग की है। इस दौरान शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक सतीश पांडेय, सह संयोजक गौरव पांडेय, ओम प्रकाश पासवान, अटेवा जिलाध्यक्ष अमर यादव व विशाल सिंह शामिल रहे।
