अमानगढ़ टाइगर रिजर्व खुला: जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को सुनाई देगी बाघ की दहाड़ और हाथी की चिंघाड़
मुरादाबाद, अमृत विचार। मुरादाबाद मंडल के बिजनौर जिले का प्रसिद्ध अमानगढ़ टाइगर रिजर्व शनिवार से फिर खुल गया है। पहले दिन विधायक कुंवर सुशांत सिंह और उनकी पत्नी सीपी सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में उद्घाटन किया। पर्यटकों को रविवार से प्रवेश दिया जाएगा। यह सफारी अब अगले साल जून तक चलेगी। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल तिथि निर्धारित नहीं की गई है। जंगल प्रेमी और पर्यटक यहां वन्यजीवों के रोमांच को करीब से महसूस कर सकेंगे।
अमानगढ़ में रॉयल बंगाल टाइगर की दहाड़, हाथियों की चिंघाड़ और चीतलों के झुंड हर आगंतुक को आकर्षित करते हैं। इस बार सफारी तय समय से पहले शुरू की गई है। आमतौर पर यह 15 नवंबर से प्रारंभ होती थी, लेकिन इस वर्ष पर्यटकों की सुविधा के लिए पहले ही शुरू कर दी गई।
सफारी का समय शीतकालीन सत्र (नवंबर से मार्च): सुबह 7 बजे से 10 बजे तक, शाम 2 बजे से 5 बजे तक और ग्रीष्मकालीन सत्र (अप्रैल से जून): सुबह 6 बजे से साढ़े 9 बजे तक, शाम 3 बजे से सूर्यास्त तक है।
सफारी की व्यवस्था और समय
वन संरक्षक रमेश चंद्र ने बताया कि पर्यटकों के लिए सुबह और शाम की दो शिफ्ट रखी गई हैं। दोनों शिफ्टों में कुल दस जिप्सी जंगल में प्रवेश करेंगी। अभी किराए और ट्रैक में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 32 किलोमीटर लंबा यह रोमांचक सफर प्रवेश द्वार से झीरना गेट तक चलता है। बीच में तीन वाटर होल हैं, जहां वन्यजीवों को पानी पीते देखना आम नजारा है।
किराया और प्रवेश शुल्क
जिप्सी शुल्क: 2,280 रुपये
गाइड शुल्क: 400 रुपये
वाहन प्रवेश शुल्क: 300 रुपये प्रति व्यक्ति
प्रवेश चार्ज: 100 रुपये
बेहतर सुविधाएं और तैयारियां
वन विभाग ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए ट्रैक के दोनों ओर व्यू लाइन को साफ कर दिया है और रास्तों की मरम्मत भी की गई है। कैफेटेरिया और कैंटीन में नाश्ते की भी व्यवस्था की गई है। डीएफओ, बिजनौर जय सिंह कुशवाहा ने बताया कि उद्घाटन के बाद रविवार से पर्यटकों को प्रवेश दिया जाएगा। उम्मीद है कि इस सत्र में पहले से अधिक सैलानी अमानगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंचेंगे।
