कानपुर : जनता के लिए खुला जयपुरिया पुल, महाराजा अग्रसेन सेतु नाम रखने की मांग, सांसद रमेश अवस्थी ने किया उद्घाटन

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। करीब चार साल के इंतजार के बाद सोमवार को जयपुरिया पुल सोमवार को जनता के लिए खोल दिया गया। पुल का उद्घाटन सांसद रमेश अवस्थी ने भाजपा उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित व कार्यकर्ताओं के साथ की। पुल पर पैदल चलकर निरीक्षण भी किया। सांसद ने जयपुरिया क्रासिंग पर बने इस पुल का नाम महाराजा अग्रसेन सेतु रखने की मांग मुख्यमंत्री से की। इस संबंध में सांसद ने मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखकर भेज दिया है। 

जयपुरिया क्रासिंग पर ट्रेनों के आवागमन की वजह से अब क्रासिंग बंद भी रहे तो वाहन सवार लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि सोमवार को जयपुरिया क्रासिंग पर 60 करोड़ रुपये की लागत से बने दो लेन के 990 मीटर के नवनिर्मित पुल पर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया है।

पुल उद्घाटन करने के बाद सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि जनता की अपेक्षाओं को धरातल पर उतारना ही मेरा संकल्प है। यह ओवर ब्रिज जनता की सुविधा और शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग से जयपुरिया क्रासिंग पर पुल बनने का सपना साकार हुआ।

पुल का निर्माण होने से जनता को फूलबाग व पनचक्की होते हुए कैंट व जाजमऊ की ओर जाने में काफी आसानी होगी। वहीं, शहर में आने वाले जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों को शहर से सर्किट हाउस पहुंचने में भी दिक्कत नहीं होगी। वहीं, सांसद रमेश अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर जयपुरिया ओवर ब्रिज का नाम महाराजा अग्रसेन सेतु किए जाने की मांग की गई हैं।

इस प्रस्ताव का समर्थन राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता सुरेश गुप्ता ने किया, जिन्होंने नामकरण का औपचारिक प्रस्ताव रखा। भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने कहा कि यह ओवर ब्रिज जनता को समर्पित सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह ओवर ब्रिज शहर की यातायात व्यवस्था को नया आयाम देगा और क्षेत्र के लोगों को जाम की समस्या से राहत प्रदान करेगा। 

यह लोग रहे मुख्य रूप से मौजूद 
जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह, महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष कमलावती सिंह, पूर्व मंत्री बालचंद्र मिश्रा, पूर्व विधायक रघुनंदन भदौरिया, व्यापारी नेता विजय पंडित, निवर्तमान जिलाध्यक्ष दीपू पांडे, महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता, मीडिया प्रभारी अनूप अवस्थी, सुमीत तिवारी, कैंट बोर्ड की सभासद प्रस्तावना तिवारी, जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा, अभिनव दीक्षित समेत सैकड़ों कार्यकर्ता व क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।

कई बार बदली पुल की तारिख 
जयपुरिया क्रासिंग पर पुल बनने का कार्य वर्ष 2021 में शुरू हुआ था, जो वर्ष 2023 तक पूरा होना था, लेकिन तब कोविड की वजह से पूरा नहीं हो सका था। इसके बाद सेतु निगम ने वर्ष 2024 तक पुल का निर्माण पूरा होने का दावा किया था, लेकिन वर्ष 2024 तक भी पुल का निर्माण नहीं हो सका था।

इसके बाद पुल का निर्माण कार्य पहले 2025 जनवरी और इसके बाद जून माह, फिर 15 अक्टूबर और इसके बाद दीपावली तक कार्य पूरा हो जाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन नहीं हो सकता था। दीपावली के बाद और 31 अक्टूबर को पुल का निर्माण पूरा होने के बाद उद्घाटन होना था, लेकिन तब भी नहीं हो सका था। काफी अटकलों के बाद सोमवार को पुल खुल ही गया। 

जयपुरिया पुल पर एक नजर 

2021 में शुरू हुआ था पुल का निर्माण
2023 तक होना था निर्माण पूरा 
2024 और 2025 में कई तारिखें बदली
16 सितंबर को जिलाधिकारी ने किया था पुल का निरीक्षण 
20 सितंबर को सांसद ने निरीक्षण कर दिए थे जरूरी निर्देश
60 करोड़ रुपये की लागत से बना है जयपुरिया पुल
990 मीटर लंबा और साढ़े सात मीटर चौड़ा है पुल 
03 नवंबर 2025 को सांसद ने किया उद्घाटन।

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