अमेठी : थानाध्यक्ष पर रिश्वतखोरी का आरोप, ग्राम प्रधान ने दिए साक्ष्य, जांच टीम गठित
थानाध्यक्ष पर ₹50 हजार की रिश्वत लेने का आरोप, प्रधान ने दिए UPI लेन-देन के साक्ष्य, महकमे में भूचाल
शुकुल बाजार/अमेठी, अमृत विचार। यूपी के अमेठी जिले के शुकुल बाजार थाना क्षेत्र के खालिस बाहरपुर गांव में दस दिन पूर्व हुए मारपीट के एक मामले में थाना प्रभारी पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्राम प्रधान राम राज ने आरोप लगाया है कि मुकदमा दर्ज कराने के लिए थानाध्यक्ष अभिनेष कुमार द्वारा रुपये की मांग की गई थी।
उनके अनुसार, गांव के ही अनिल दुबे द्वारा थाना अध्यक्ष के करीबी के खाते में यूपीआई से 20,000, 10,000 और 9,000 रुपये की तीन किस्तों में भुगतान किया गया, साथ ही 11,000 रुपये नकद दिए गए। इस लेन-देन से जुड़े साक्ष्य सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
चुनावी रंजिश में हुई थी मारपीट की घटना
सूत्रों के अनुसार, खालिस बाहरपुर गांव में करीब दस दिन पूर्व चुनावी रंजिश में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। इस दौरान राजेंद्र सिंह और अनिल दुबे आमने-सामने आ गए। पुलिस ने राजेंद्र सिंह की तहरीर पर अनिल दुबे सहित कई लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
घटना के बाद ग्राम प्रधान राम राज ने भी अपने पक्ष से मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। आरोप है कि इस दौरान कार्रवाई करने के एवज में थानाध्यक्ष ने रुपये की मांग की। बताया जा रहा है कि अनिल दुबे ने थाने से जुड़े एक व्यक्ति के खाते में यह रकम भेजी थी, जिसके लेन-देन के साक्ष्य अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं।
पुलिस की साख पर लगा दाग
बहरहाल, कुछ भी हो- इस मामले ने एक बार फिर पुलिस की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाने से लेकर जिले तक चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग जांच रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान का वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग
ग्राम प्रधान राम राज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर थाना अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। उच्च अधिकारियों से मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग की है।हालांकि, इस पूरे मामले के जो वीडियो और स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं, उनकी पुष्टि अमृत विचार नहीं करता।
खातेधारक ने आरोपों का किया खंडन
वहीं, जिस व्यक्ति के खाते में रुपये ट्रांसफर किए जाने का दावा किया जा रहा है, उसने भी सोशल मीडिया पर एक पत्र जारी कर आरोपों को निराधार बताया। उसने कहा कि, “मेरे द्वारा कुंभ में गाड़ी भेजने का किराया बाकी था, इसलिए मैंने रुपये मांगे थे। मुझे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।”
एएसपी बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
अपर पुलिस अधीक्षक अमेठी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि, “मामला गंभीर है। जांच टीम गठित की गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
