अयोध्या : गली में भी ई-रिक्शा व ऑटो का कब्जा, लग रहा जाम, प्रतिबंधित एरिया में भी चल रहे बेरोक-टोक

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Published By Deepak Mishra
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अयोध्या, अमृत विचार। रामनगरी की संकरी गलियों में अब ई-रिक्शा वाहनों का कब्जा है। जहां एक ओर ये वाहन श्रद्धालुओं के लिए सुगम यातायात का माध्यम बने हैं, वहीं दूसरी ओर इनकी अंधाधुंध बढ़ती संख्या ने जाम, हादसे और अव्यवस्था को जन्म दे दिया है। स्थानीय प्रशासन के प्रतिबंधों के बावजूद मंदिर परिसर और संकरी गलियों में ई-रिक्शा बेरोक-टोक दौड़ रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा है।

रेलवे स्टेशन से रायगंज जैन मंदिर की ओर आने वाले रास्तों पर जलवानपुरा, गोड़ियाना, रायगंज, दंतधावनकुंड के अनेकों गलियों में ई-रिक्शा वाहनों के चलते जाम लगा रहता है। गोडियाना से दंतधावनकुंड मार्ग की गलियां जर्जर हो चुकी है, इसके चलते यहां आए दिन ई-रिक्शा पलटते रहते हैं। एक ई रिक्शा गुरुवार को पलटने से उसमें सवार दो महिला व एक पुरूष श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। चालक उन्हें छोड़कर भागने लगा तो स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया। किसी तरह घायलों को श्रीराम अस्पताल पहुंचाया गया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

इन गलियों में भी गेस्ट हाउस व होम स्टे की संख्या अधिक हो गई है। कई वर्षों से इन गलियों की मरम्मत न होने के कारण यही जगह-जगह टूटी पड़ी है। साथ ही सीवर लाइन के चेंबर निर्माण के चलते 10 फिट की इन गलियों के बीच का हिस्सा ऊंचा हो गया। इसी कारण ई-रिक्शा आए दिन पलटते रहते हैं।

स्थानीय निवासी बाबा चारी, जेपी पाठक, लल्लन पांडेय, बादल सिंह आदि ने बताया कि रोज दो-चार ई-रिक्शा पलटते रहते हैं। आरोप लगाया कि चौराहे पर यातायात पुलिस तैनात है, प्रतिबंध के बाद भी गलियों से ई-रिक्शे निकल कर दंतधावन कुंड होकर रामपथ पर जाते हैं। वह इसे अनदेखी क्यों कर रहे हैं, यह सब जानते हैं।

स्थानीय निवासी बुजुर्ग राधेश्याम गुप्ता कहते हैं, पहले पैदल चलना आसान था, अब ई-रिक्शा की टक्कर का डर रहता है। यही हाल कनक भवन मंदिर के आसपास का भी है, यलो जोन के बाद भी यहां ई रिक्शा वाहन बे-रोकटोक गुजरते हैं। सीओ यातायात आशुतोष तिवारी ने बताया कि जल्द ही इन पर लगाम कसी जाएगी।

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