कानपुर : गुरु तेग बहादुर शोध पीठ बनेगी सेवा, सुमिरन और सहयोग का केंद्र, CSJMU में हुआ बुद्धिजीवी सम्मेलन
शोध पीठ में गुरु परंपरा, दर्शन, साहित्य और त्याग की भावना पर होगी रिसर्च
कानपुर, अमृत विचार। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के सीनिट हॉल में श्री गुरु सिंह सभा की ओर से बुद्धिजीवी सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान बुद्धजीवियों ने विश्वविद्यालय में बनने वाली शोध पीठ को सेवा, सुमिरन और सहयोग का केंद्र बताया गया। यह भी कहा गया कि शोध पीठ में गुरु परंपरा, दर्शन, साहित्य और त्याग की भावना पर होगी रिसर्च। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु तेगबहादुर के चित्र पर माल्यार्पण से हुई।
इस दौरान गायिका गुंतास ने सबद पाठ पेश किया। सम्मेलन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि गुरु तेगबहादुर शोधपीठ सेवा, सुमिरन और सहयोग का पर्याय बनेगी। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं के त्याग और बलिदान ने न केवल मानवता की रक्षा की बल्कि सनातन धर्म को भी सुरक्षित रखा।
इस अवसर पर यह घोषणा भी की गई कि विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज में गुरु तेगबहादुर शोधपीठ की स्थापना की जाएगी। जहां गुरु परंपरा, दर्शन, साहित्य और त्याग की भावना पर शोध कार्य किए जाएगा। कार्यक्रम के संयोजक एवं पूर्व एमएलसी सरदार कुलदीप सिंह ने बताया कि आगामी 25 नवंबर को गुरु तेगबहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक को सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह शोधपीठ भावी पीढ़ी को गुरु तेगबहादुर जी के आदर्शों और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगी। कार्यक्रम में अनेक विद्वानों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर गुरु परंपरा के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति मनप्रीत सिंह, पनकी हनुमान मंदिर के महंत, महंत अरुण चैतन्यपुरी,तेजिंदर पाल सिंह,निर्मल सिंह, हरपाल जग्गी,सिमरनजीत सिंह, कुलदीप सिंह,स्कूल ऑफ़ लैंग्वेजेज के निदेशक डॉ सर्वेश मणि त्रिपाठी, हिन्दी विभाग के प्रभारी डॉ श्रीप्रकाश, पत्रकारिता. विभाग से डॉ ओम शंकर गुप्ता व जसबीर कौर सहित अन्य मौजूद रहे।
