मुरादाबाद: सरकारी विश्वविद्यालय की उम्मीद से विद्यार्थियों के खिले चेहरे

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। प्रोफेसनल कोर्स के लिए मेरठ, दिल्ली, मुबंई को अब जिले के छात्र-छात्राओं को नहीं भटकना पड़ेगा। ज्यादा मंहगी फीसों की वजह से क्षेत्र नहीं बदलना पड़ेगा। अपने ही जिले में उन्हें सरकारी फीस पर उनकी मनचाही पढ़ाई करने का अवसर उन्हें अगले वर्ष तक मिल जाएगा। जी हां भले ही 40 सालों …

मुरादाबाद, अमृत विचार। प्रोफेसनल कोर्स के लिए मेरठ, दिल्ली, मुबंई को अब जिले के छात्र-छात्राओं को नहीं भटकना पड़ेगा। ज्यादा मंहगी फीसों की वजह से क्षेत्र नहीं बदलना पड़ेगा। अपने ही जिले में उन्हें सरकारी फीस पर उनकी मनचाही पढ़ाई करने का अवसर उन्हें अगले वर्ष तक मिल जाएगा। जी हां भले ही 40 सालों से विश्वविद्यालय की मांग महानगर के शिक्षाविदों व नेताओं के द्वारा शासन तक की जा रही हो और वह सिर्फ आश्वासन तक ही सीमित होकर रह गई है।

यही वजह है कि सीएम की बैठक में विश्वविद्यालय का मुद्दा उठने के बाद हलचल तेज तो हो गई है लेकिन प्रतिभावान अभी भी पशोपेश में हैं। जिसकी वजह है कि कहीं हर बार विश्वविद्यालय खुलने का वादा हवाई तो साबित नहीं हो जाएगा।

बुनियादी सुविधाओं में शिक्षा सबसे अहम है, जिससे समाज की दिशा व दशा तय होती है। हैरत की बात यह है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी मुरादाबाद मंडल मुख्यालय सरकारी विश्वविद्यालय न होने का अभिशाप झेल रहा है। बिजनौर तक के विद्यार्थी बरेली जाकर विवि के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। ऐसे में विद्यार्थी और अशासकीय महाविद्यालयों के जिम्मेदार कहते हैं न जाने कब इस समस्या का हल होगा।

मुरादाबाद मंडल के 200 से अधिक अशासकीय महाविद्यालय एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से संबद्ध हैं। इनमें करीब ढाई लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। भले ही जिले में तीन विवि हों, पर फीस मंहगी होने की वजह से मध्यम वर्ग के बच्चे या तो अपना क्षेत्र को बदल देते हैं या वे उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए परिवार और जिले को छोड़कर दिल्ली जैसे दूर शहरों में जाने का मजबूर हैं।

जिले में सरकारी और प्राइवेट डिग्री कालेज पचास
जिले में रूहेलखंड विवि से संबंद्ध सरकारी और प्राइवेट पचास डिग्री कालेज हैं। जहां बीए, बीकॉम, बीएससी और इन्हीं पाठ्यक्रमों में परास्नातक की पढ़ाई छात्रों को नसीब हो जाती है। पर अन्य पाठ्यक्रमों के लिए छात्र-छात्रों को अलीगढ़, आगर, पंजाब, प्रयागराज का रुख करना पढ़ रहा है। जिले में विवि बन जाने के बाद लाखों छात्रों और शिक्षकों की दिक्कतों दूर होंगी, इसमें कोई संदेह नहीं है।

विश्वविद्यालय की भूमि का भेजा जा चुका है प्रस्ताव
विश्वविद्यालय को लेकर कई बार मुख्यमंत्री से चर्चा की गई है। नगर विधायक का कहना है कि संक्रमण के चलते विश्वविद्यालय की प्रक्रिया को बढ़ने में देरी हुई है। उम्मीद है कि वर्ष 2021 के अंत तक विवि की सौगात मिल जाएगी। विवि के लिए पॉलिटेक्निक कालेज (पुरुष) के मैदान की जगह का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिसका क्षेत्रफल 20 एकड़ के करीब है और मानकों के आधार पर भी सटीक बैठता है।

विवि से वंचित प्रदेश का मुरादाबाद अकेला मंडल
सहारनपुर व अलीगढ़ में विश्वविद्यालय के निमार्ण की घोषणा होने जाने के बाद अब प्रदेश में मुरादाबाद मंडल ही इकलौता मंडल है, जो विश्वविद्यालय से वंचित है। पर मुख्यमंत्री के शनिवार को मुरादाबाद आगमन जब बैठक हुई तो लोगों में फिर विवि के बनने की आस जगी।

इन कोर्स के लिए छात्रों को जाना पड़ता है बाहर
हिंदू कालेज के प्रवेश प्रभारी डा. जेके पाठक कहते हैं कि जिले में विवि बन जाने के बाद लाखों छात्रों को राहत मिलेगी। कई ऐसे कोर्स हैं जैसे बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रो बायोलाजी, बीटेक, एमबीए, बीसीए, फैशन डिजाइनिंग, डिजास्टर मैनेजमेंट और धातु अध्ययन जिनके लिए छात्रों को शहर से बाहर जाना पड़ रहा है। विवि की घोषणा होने के बाद कम फीस में छात्रों को अपने पंसदीदा विषय की पढ़ाई करने का अवसर मिल जाएगा और उनके अभिभावकों की भी चिंता दूर होगी।

सीएम की बैठक में मुद्दा उठने के बाद विश्वविद्यालय की उम्मीद जगी है। विश्वविद्यालय न होने की वजह से छोटे-छोटे कामों के लिए बरेली के चक्कर काटने पड़ते हैं। वहीं निजी विवि में फीस ज्यादा होने की वजह से बच्चे मनचाहे पाठ्यक्रमों को नहीं अपना पा रहे हैं। जो काफी चिंता का विषय है। -पूजा सक्सेना, हिंदू कालेज

सरकारी विश्वविद्यालय खुल जाने के बाद छात्रों को प्रोफेशन कोर्स करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। वहीं कम फीस में ही छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा मिल सकेगी। हमें कई सालों से विश्वविद्यालय खुलने का इंतजार है। बस जिम्मेदारान इस वादे को समय से पूरा करा दें।- महिमा, हिंदू कालेज

सरकारी विश्वविद्यालय न होने की वजह से छात्रों को निजी विवि में दाखिला लेना पड़ रहा है। कई बार परिवार के पास बजट न होने की वजह से लोन लेकर पढ़ाई पूरी करनी पढ़ती है। विवि खुलने जाने के बाद इन समस्याओं से निदान मिल जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने विवि के विषय को लेकर गंभीरता दिखाई है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षाधिकारी और शिक्षाविदों से चर्चा कर टैक्निकल प्रक्रियाओं को पूरा करें। इसके बाद नए वर्ष में विवि की खुशखबरी मुरादावासियों को मिल जाएगी।-रितेश गुप्ता, नगर विधायक

प्रस्ताव तैयार कर कमिश्नर द्वारा शासन को भिजवा दिया गया है। मुख्यमंत्री की ओर से विवि की घोषणा होना शेष है।-जयपाल सिंह व्यस्त, एमएलसी

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