श्रीराम कथा संग्रहालय होगा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र, 7D टेक्नोलॉजी और डिस्प्ले के लिए खर्च होंगे 50 करोड़
अयोध्या, अमृत विचार: सरयू तट स्थित श्रीराम कथा संग्रहालय आने वाले कुछ माह में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इसे इंटरनेशनल म्यूजियम बना रहा है। जिसमें एआई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह पहला ऐसा म्यूजियम होगा, जिसको बनाने में 7डी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा। जहां पर पहुंचने के बाद पर्यटक रामायण को जानने के साथ महसूस भी कर पाएंगे। जिसमें आधुनिक टेक्नोलॉजी और डिस्प्ले के लिए आईआईटी चेन्नई के सहायक संस्था प्रवर्तन के साथ 50 करोड़ का एग्रीमेंट होने जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय को विस्तार देने के लिए बिल्डिंग का री-मॉडलिंग कराया जा रहा है। इसमें लगभग 20 गैलरियां बनाई जाएंगी। जहां रामायण के विभिन्न प्रसंगों से आकर्षित करेगा तो वहीं राम मंदिर से जुड़ी एक कानूनी दीर्घा भी होंगी। जिसमें 500 वर्षों के संघर्ष से जुड़े दस्तावेज, राम मंदिर आंदोलन से जुड़े प्रमुख लोगों की स्मृतियों भी दर्शाई जाएगी।
अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय के निदेशक संजीव कुमार ने बताया कि गैलरियां आधुनिक तकनीक और 7 डी के माध्यम से स्थापित की जाएंगी। जिसमें अभी विस्तार करने के लिए निर्माण का कार्य चल रहा है। जल्द ही गैलरियों को तैयार करने का कार्य भी प्रारंभ हो जाएगा।
निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि संग्राहलय में एक एग्रीमेंट को अंतिम स्वरूप प्रदान करेंगे। उस एग्रीमेंट के तहत आईआईटी चेन्नई को जिनके पास विशेषज्ञ है। जिन्होंने एक विशेष व्यवस्था कराई है। जो उनकी सहायक संस्था प्रवर्तन नाम से है। उन्हें टेक्नोलॉजी और और डिस्प्ले के लिए जिम्मेदारी दी जा रही है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक 50 करोड रुपये का टेंडर होगा। जिसमें उन्हें प्रारंभ से लेकर अंत तक की जिम्मेदारी होगी।
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