बरेली: आधा दर्जन भाजपा नेताओं समेत 40 के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
सालों पुराने केसों में कोर्ट से जारी हुए वारंट, पिछले साल शासन स्तर से यह केस वापस लेने के आदेश जारी कर प्रशासन को पैरवी के निर्देश दिए थे
बरेली, अमृत विचार: फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य ममता गंगवार, पूर्व चेयरमैन कृष्ण पाल मौर्य सहित आधा दर्जन भाजपा नेताओं सहित करीब 40 लोगों के विरुद्ध कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हुए। इससे कई भाजपा नेताओं ने गिरफ्तारी के डर से घरों में रहना छोड़ दिया है।
इन मुकदमों को वापस लेने के लिए सालभर पहले राज्यपाल की अनुमति के बाद शासन ने आदेश जारी किया और जिला पुलिस प्रशासन को रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए थे। इस बात को साल भर हो गया, लेकिन फतेहगंज पश्चिमी में 1998 में बिजली संकट पर हाईवे जाम करने और 2015 में मंदिर पर गोवंश फेंकने के विरोध में हंगामा करने जैसे आरोपों वाले मुकदमों से भाजपा नेताओं की जान नहीं छूटी। मुकदमा वापस लेने का आदेश कागजों में कैद होकर रह गया।
दरअसल, 15 मार्च, 2024 को उत्तर प्रदेश न्याय अनुभाग के विशेष सचिव मुकेश सिंह ने जिलाधिकारी बरेली को आदेश जारी करते हुए मुकदमा अपराध संख्या 11/2015 एवं 12/2015 में 7 क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट सहित अन्य धाराओं में दर्ज दोनों मुकदमों में राज्यपाल की अनुमति के बाद धारा 321 के अंतर्गत कार्यवाही कर न्यायालय में पैरवी करते हुए मुकदमा वापस लेने के निर्देश दिए थे। 9 सितंबर 2024 को जिलाधिकारी को मुकदमा अपराध संख्या 176/1998 के संदर्भ में पत्र भेजा था। जिला प्रशासन स्तर से दोनों मुकदमों में पैरवी नहीं की गई। शासन के आदेश के बावजूद मुकदमे वापस नहीं होने का अंजाम भाजपा नेताओं को भुगतना पड़ रहा है। राजेश अग्रवाल, अजय कुदेशिया, अकरम खान, सुधीर पोरवाल, चक्रवीर सिंह चौहान, नन्हें, विजय आदि के विरुद्ध भी गैर जमानती वारंट जारी हुए हैं।
मुख्यमंत्री के संज्ञान में दोबारा प्रकरण लाने की तैयारी शुरू
- भाजपा नेता आशीष अग्रवाल प्रदेश में भाजपा सरकार के 2017 में बनने के बाद से भाजपा नेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस कराने को पैरवी कर रहे हैं। राज्यपाल झारखंड संतोष गंगवार, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री नंदी गोपाल गुप्ता, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल, वन मंत्री डॉक्टर डा. अरुण सक्सेना, विधायक डीसी वर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री व शासन से पत्राचार कराया। मुख्यमंत्री कार्यालय, प्रमुख सचिव न्याय, इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरकार के महाधिवक्ता से संबंधित प्रक्रिया की स्वीकृति ली थी। आशीष अग्रवाल ने बताया कि पूर्व में किए प्रयास विफल नहीं होने देंगे। जनप्रतिनिधियों से वार्ता कर मुख्यमंत्री के संज्ञान में प्रकरण लाने की तैयारी की जा रही है।
क्या कहते हैं पीड़ित भाजपा नेता
मेरा भी वारंट जारी हुआ है। नोटिस की सूचना नहीं मिली। मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है। चौकी इंचार्ज के पास नोटिस आए हैं। 19 और 20 नवंबर की तारीख है। प्रशासन की गलती से दिक्कत झेल रहे हैं। क्षेत्रीय विधायक को भी पैरवी करनी चाहिए। पब्लिक ने चुना है, नेताओं पर जो मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनका निस्तारण कराना चाहिए। जमानत कराने के लिए एप्लीकेशन लगाई है। मेरे घर पुलिस भेजी जा रही है। पुलिस दोबारा आई तो विधायक के कॉलेज में दरी बिछाकर बैठूंगी।- ममता गंगवार, जिला पंचायत सदस्य, भाजपा
2015 के केस में गैर जमानती वारंट जारी हुआ है, केस वापस लेने के लिए शासन से आदेश आ गया था, केस वापस लेने में कोर्ट की मर्जी है। सरकार का आदेश आ चुका है। पिछली बार पैरवी कराई जो वारंट जारी हो गया। 19 नवंबर को तारीख है। यदि जमानत करानी है तो अंदर जाना पड़ सकता है। करीब 40 लोगों के विरुद्ध वारंट जारी हुए हैं। -कृष्ण पाल मौर्य, पूर्व चेयरमैन।
