बरेली : आतंकवादी प्रवत्ति में अब पढ़े-लिखे लोग हो रहे शामिल
आतंकवादी प्रवत्ति में अब पढ़े-लिखे लोग हो रहे शामिल
बरेली, अमृत विचार। दिल्ली में आतंकवादी घटना से हर कोई दहला हुआ है। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह में दिल्ली आतंकी घटना का जिक्र करते हुए समारोह की अध्यक्ष कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा दें कि उनके चार-पांच अंक भले ही कम आएं, लेकिन उनके हृदय और देशभक्ति कूट-कूटकर भरी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है जब आतंकवादी प्रवृत्ति यानि घटना में पढ़े-लिखे लोग शामिल हुए हैं। दिल्ली धमाकों में डॉक्टर, इंजीनियर, अकाउंटेंट शामिल हैं। आतंकवादी घटना में शामिल लोगों ने क्या पढ़ा और क्या पढ़ाया गया, इसका न शिक्षक को पता चला और न ही सरकार को। यह सोचने वाली बात है। अच्छा हुआ कि पुलिस ने समय रहते विस्फोटक पकड़ लिया। इन लोगों की तो मंशा पूरे देश को दहलाने की थी। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वह पढ़ाते होंगे, लैब में प्रयोग कराते होंगे। उनके सामने भी कोई ऐसा छात्र होगा जो लैब में प्रयोग कर भविष्य में इस तरह की आतंकी घटना को अंजाम देने के बारे में सोच रहा होगा।
उन्होंने कहा कि हमें ऐसे लोगों पर नजर रखनी होगी। हमें चारों ओर और सभी की गतिविधियों पर नजर रखनी होगी ताकि वह ऐसा न कर सकें। हमें ऐसी शिक्षा देनी होगी कि छात्रों में देशभक्ति का जज्बा कूट-कूट कर भरे। हमें आतंकियों से लड़ना है और देश को बचाना है। सोशल मीडिया पर देश के खिलाफ तरह-तरह के वीडियो बनाए जा रहे हैं। दुनिया के कई देशों को पसंद नहीं है कि भारत आगे बढ़ जाए, इसलिए आतंकवादी घटनाएं कराकर उसकी प्रगति रोकने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों को इन सबके खिलाफ तैयार करना होगा।
