बाराबंकी : पत्नी के नाम लिया लोन, छीने जेवर फिर मायके भगाया
दो विवाहिताएं दहेज उत्पीड़न का शिकार
बाराबंकी, अमृत विचार। दहेज उत्पीड़न के मामलों में पत्नी के नाम लोन लेकर किश्तों की अदायगी उसके माथे छोड़ दी गई वहीं जेवर छीनकर मायके भगा दिया गया। दूसरे मामले में गर्भवती विवाहिता को पीटकर भगा दिया गया। पहला मामला सतरिख कोतवाली क्षेत्र का है।
ग्राम गोकुलपुर मजरे सेठमऊ निवासी शालिनी शर्मा उर्फ शीलू ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह 8 दिसंबर 2022 को दिल्ली निवासी विक्रांत से हुआ था। शादी के बाद ससुरालीजन पांच लाख रुपये की मांग को लेकर उसे मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देते रहे।
शालिनी ने बताया कि पति ने उसके आधार कार्ड पर 1,18,000 का लोन निकलवा लिया और किश्तें न भरने का बोझ भी उसी पर छोड़ दिया। दिसंबर 2024 में पति उसे मायके छोड़कर धमका गया कि पांच लाख रुपये की व्यवस्था होने पर ही वह वापस ले जाएगा। उसके सारे जेवर भी ससुराल पक्ष ने रख लिए हैं।
दूसरा मामला थाना सुबेहा क्षेत्र के गोसियामऊ गांव का है। ज्योति कनौजिया ने पति अमन कनौजिया, ससुर सियाराम, सास मीना देवी, ननद महिम व माही, तथा देवर छोटू पर दहेज के लिए प्रताड़ना और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए बताया कि उसकी शादी 10 मई को हुई थी।
पर्याप्त दहेज देने के बावजूद ससुराली लगातार मोटरसाइकिल की मांग करते रहे। वह फिलहाल छह माह की गर्भवती है। उसका कहना है कि 20 जुलाई की रात उसे बुरी तरह पीटकर घर से निकाल दिया गया, जिसके बाद वह पूरी रात घर के बाहर बैठी रही। सूचना पर उसके पिता पहुंचे और उसे मायके ले आए। पुलिस ने दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज की है।
