Bareilly: आवास विकास को भौतिक कब्जा देने के बाद कई किसानों ने बेच दी जमीन
बरेली, अमृत विचार। परसाखेड़ा आवासीय योजना के अंतर्गत बरेली-शाहजहांपुर बड़ा बाईपास पर विकसित की जा रही आवासीय योजना में शामिल गांवों की भूमि के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के लिए उप निबंधक द्वितीय को पत्र लिखा है। बल्लिया गांव के कुछ किसानों ने आवास एवं विकास परिषद के पक्ष में भूमि देने को नोटरी शपथपत्र देकर अनुबंध एवं भौतिक कब्जा देने के बाद भूमि अन्य को बेच दी है। भूमि के क्रय-विक्रय की सूचना मिलने पर परिषद के अधिशासी अभियंता इंजीनियर राजेंद्र नाथ राम ने सक्रियता दिखाई है।
अधिशासी अभियंता की ओर से उप निबंधक द्वितीय को लिखे पत्र में बताया है कि बरेली-शाहजहांपुर मुख्य बाईपास, राष्ट्रीय राजमार्ग रामपुर रोड पर परसाखेड़ा आवासीय योजना प्रस्तावित है। इसमें बल्लिया गांव की भूमि के संबंध में धारा 28 और 32 की कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है। इस गांव की करीब 9.3421 हेक्टेयर भूमि अर्जन की जानी है। उप निबंधक को बताया कि उप्र आवास एवं विकास परिषद की परसाखेड़ा आवासीय योजना सक्षम स्तर के निर्देश के अनुसार परिषद एवं किसानों के मध्य आपसी सहमति पर लैंड पूलिंग के माध्यम से योजना संचालित की जा रही है। इसकी कार्रवाई प्रगति पर है। पत्र में कहा गया है कि जानकारी में आया है कि इस गांव के कुछ लोगों द्वारा भू-खंडों का क्रय-विक्रय किया जा रहा है। इसमें कुछ ऐसे किसान शामिल हैं जिन्होंने आवास एवं विकास परिषद के पक्ष में भूखंडों का नोटरी शपथपत्र द्वारा अनुबंध कराकर भौतिक कब्जा दे दिया, लेकिन वे भूमि का क्रय-विक्रय करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन किसानों को भूमि का नियमानुसार आवास एवं विकास परिषद से फसल मुआवजा दिया जा रहा है। उप निबंधक से परसाखेड़ा आवासीय योजना में शामिल समायोजित गांवों की संबंधित भूमि पर तत्काल क्रय-विक्रय पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। यह भी कहा है कि भविष्य में इन गांवों से संबंधित भूमि/भूखंडों से संबंधित क्रय-विक्रय किए जाने वाले प्रपत्र निबंधन कार्यालय में प्रस्तुत होने पर बैनामा कराने के पहले आवास एवं परिषद निर्माण खंड रुहेलखंड कार्यालय से सत्यापन जरूर करा लें। इसके बाद ही अग्रिम कार्यवाही करें।
आवासीय योजना के लिए 561 हेक्टेयर भूमि चिह्नित
परसाखेड़ा आवासीय योजना के लिए गांव ट्यूलिया, धंतिया, हमीरपुर, वोहित, मिलक इमामगंज, फरीदापुर रामचरण, बल्लिया की करीब 561 हेक्टेयर भूमि चिह्नित है। योजना 12 सेक्टरों में विकसित होगी। इसमें शुरुआत में ट्यूलिया, धंतिया गांव की जमीन पर चार सेक्टर बनाए जाएंगे, जिसमें आवास बनेंगे। भूमि अर्जन के लिए अवॉर्ड का प्रस्ताव बनाकर परिषद के मुख्यालय भेजा जा चुका है। जल्द अर्जन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
