Bareilly: पहले हाजिरी की जांच...फिर मिलेगा मदरसों शिक्षकों का वेतन
बरेली, अमृत विचार। यूपी में मदरसा शिक्षक की उपस्थिति से जुड़ा गंभीर मामला सामने आने पर शासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत, बरेली जिले में संचालित सभी 305 मदरसों (05 अनुदानित और 1300 गैर- अनुदानित) में कार्यरत शिक्षकों की जांच की जाएगी।
उनको हर माह उपस्थिति प्रमाणपत्र देने के बाद ही वेतन जारी किया जाएगा। विभाग के अनुसार यह फैसला आजमगढ़ के एक मदरसे में सहायक अध्यापक आलिया के पद पर कार्यरत शमशुल हुदा का मामला सामने आने के बाद लिया है। शमशुल हुदा ब्रिटेन में बस गए हैं, इसके बावजूद मदरसे से वेतन उनके बैंक खाते में जा रहा था।
जिले ने पांच अनुदानित मदरसों में 58 शिक्षक कार्यरत और तीन हजार से अधिक छात्र पंजीकृत हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी लालमन ने बताया कि नई व्यवस्था के मुताबिक अब शिक्षकों को वेतन जारी करने से पहले, प्रबंधन से हर माह उपस्थिति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। अनुदानित और गैर-अनुदानित मदरसों के सभी शिक्षकों की हाजिरी विभाग की टीमें सत्यापित करेंगी इसके बाद ही भुगतान किया जाएगा।
कहा कि शासन के निर्देश पर जिले में कार्यरत सभी शिक्षकों की हाजिरी और मदरसे में उनके नियमित आने का सत्यापन कराया जा रहा है। वह स्वयं भी मदरसों का औचक मुआयना करेंगे। शिक्षकों की उपस्थिति चेक करने के नियम पहले से ही थे, लेकिन अब इनका कड़ाई से पालन कराया जा रहा है, ताकि शमशुल जैसे मामले सामने न आ सकें और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
