UP: तमंचे के बल पर गनर की राइफल छीनने की कोशिश 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। थाना सिंगाही क्षेत्र में पुलिस और तहसील के कुछ अधिकारियों की सरपरस्ती में खनन में जुटे माफियाओं के हौसले इस कदर बढ़ गए कि उन्होंने छापे के दौरान खनन निरीक्षक के गनर पर तमंचा लगा दिया और उसकी राइफल छीनने की कोशिश की। इतना ही नहीं टीम को ट्रैक्टर से कुचलने का भी प्रयास किया गया। हालांकि टीम ने दो बालू से भरे ट्रैक्टर-ट्राली पकड़कर सीज की है। पुलिस ने खनन निरीक्षक की तहरीर पर चार लोगों को नामजद कर पांच अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।

थाना सिंगाही क्षेत्र के मोतीपुर के पास से निकली जौरहा नदी से कई सालों से बड़े पैमाने पर दिन-रात बालू का अवैध खनन हो रहा था। इस कारोबार में पुलिस और तहसील निघासन के कुछ अधिकारियों की संलिप्तता के कारण माफियाओं के हौसले काफी बुलंद हो गए थे। इसी का परिणाम था कि खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा था। दस नवंबर के अंक में अमृत विचार ने खबर प्रकाशित कर अवैध खनन के काले कारोबार का सच उजागर किया था। खबर को शासन ने गंभीरता से लिया और कार्रवाई के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। 

18 नवंबर की रात करीब 11 बजे खनन अधिकारी आशीष सिंह ने मोतीपुर के भौका घाट पर छापा मारा। इस दौरान टीम ने चार ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध बालू परिवहन करते पकड़ी गईं। इनमें दो ट्रॉली बालू से भरी हुईं थीं, जबकि दो खाली ट्रॉली बालू भरने जा रही थीं। वाहन चालकों के मोबाइल जब्त कर टीम ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंचती, इससे पहले ही मोतीपुर निवासी मुन्ना खान, कल्लू पुरवा निवासी हीरालाल, कोतवाली तिकुनिया के गांव तकिया पुरवा निवासी रविंद्र भार्गव और बंजरिया फार्म थाना सिंगाही निवासी फतेह सिंह मौके पर चार-पांच अन्य साथियों के साथ पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करते हुए खनन अधिकारी से गाली-गलौज हाथापाई करने की कोशिश की। 

आरोप है कि हमलावरों ने गनर प्रदीप कुमार पर तमंचा लगाकर उसकी राइफल छीनने का भी प्रयास किया। इसी दौरान दो खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक मौके का फायदा उठाकर भाग निकले। रोकने का प्रयास करते समय अवैध खनन में शामिल लोगों ने टीम पर वाहन चढ़ाने की कोशिश भी की। नामजद आरोपी खनन माफिया बताये गए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने मौके पर पकड़ी गई बालू भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा कराया गया। जांच में सामने आया कि गांव सिगहा कला के पास जोहरा नदी के भौकाघाट व पोखरीघाट क्षेत्र में करीब 9,518 घन मीटर अवैध बालू खनन किया गया था। 

दोनों स्थानों के जीपीएस लोकेशन भी दर्ज की गईं।खनन अधिकारी ने बताया कि आरोपी पूर्व में भी अवैध खनन में संलिप्त रह चुके हैं और उन पर पहले भी कार्रवाई की गई थी। रात के अंधेरे में चोरी-छिपे किया जा रहा यह अवैध खनन न केवल राजस्व का नुकसान कर रहा था बल्कि सार्वजनिक सड़कों को भी क्षति पहुंचा रहा था। सिंगाही पुलिस ने खनन निरीक्षक की तहरीर पर उ.प्र. उपखनिज (परिहार) नियमावली 2021 के नियम 3, 58, 72 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 4/21 समेत संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
  
माफियाओं की संपत्ति जांच की उठी मांग 
क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि जौराहा नदी के सिंगाही क्षेत्र में स्थित  कोला घाट, पोखरी घाट, दरेहटी घाट, भौका घाट और मांझा घाट पर मोतीपुर और तकियापुरवा के खनन माफिया काफी लंबे अरसे से पुलिस और तहसील के अधिकारियों की संलिप्तता से करते चले आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से जलौनी लकड़ी लाकर और दूसरों के खेतों में काम करने वाले अब खनन माफिया हो गए। धंधे से जुड़े लोगों ने जेसीबी, की ट्रैक्टर-ट्राली और आलीशान कोठियां बना ली हैं। लोगों ने मांग की है कि इन माफियाओं की संपत्ति की जांच कराकर कार्रवाई की जाए।

संबंधित समाचार